
NewDelhi : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने शनिवार को फिर कश्मीर को लेकर कहा कि सरकार दावा कर रही है कि हालात ठीक है, लेकिन हमें वहां नहीं जाने दिया जा रहा. आजाद ने कहा कि हमको अपने घर नहीं जाने देते तो इसका मतलब है कि सरकार कुछ छिपा रही है, इस क्रम में राज्य के वरिष्ठ नेताओं की नजरबंदी पर आजाद ने सवाल खड़े किये. जान लें कि विपक्षी नेताओं के दल के श्रीनगर रवाना होने से पूर्व गुलाम नबी आजाद ने अपने घर पर पत्रकारों से बात की.
उन्होंने सरकार के कश्मीर पर विपक्षी दलों द्वारा राजनीति करने के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा, जिनको राजनीति करनी थी उन्होंने राजनीति कर दी. कहा कि राज्य के दो टुकड़े कर दिये. हम वहां जाना चाहते हैं ताकि सरकार की मदद कर सकें. विपक्षी नेता भी कानून को समझने और उसका पालन करनेवाले लोग होते हैं.
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कश्मीर में नेताओं की नजरबंदी पर सवाल
पत्रकारों के समक्ष आजाद ने कश्मीर में नेताओं की नजरबंदी पर भी सवाल उठाया. कहा कि जम्मू के बच्चों को कश्मीरी बताकर हालात सामान्य होने की बात कही जा रही है. हालात सामान्य हैं तो मेरा कश्मीर घर है, मैं प्रदेश का पूर्व सीएम हूं, मुझे वहां क्यों नहीं जाने दिया जा रहा? अगर हालात ठीक हैं तो सरकार क्यों उमर अब्दुल्ला पर पर रोक लगाये हुए है. महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला को घर में क्यों बंद किया गया है. इसका मतलब साफ है कि सरकार कुछ छिपा रही है,
आज विपक्षी नेता श्रीनगर जानेवाले हैं
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पैदा हुए हालात का जायजा लेने के लिए राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता शनिवार को श्रीनगर का दौरा करने जा रहे हैं. हालांकि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उनसे दौरा टालने की अपील की है. विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधि दल में शामिल माजिद मेमन ने कहा है कि हम सरकार का विरोध करने नहीं जा रहे हैं. हम सरकार के सहयोग के लिए ही वहां जा रहे हैं.




