
Srinagar : जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार को प्रशासन ने कर्फ्यू में थोड़ी ढील दी. फोन और इंटरनेट सर्विस आंशिक तौर पर बहाल की गयी. इसके बाद जम्मू और श्रीनगर के बाजारों में हल्की-फुल्की हलचल रही. लोग जुमे की नमाज अदा करने के बाद मस्जिदों से बाहर निकलते हुए देखे गये. पिछले पांच दिनों के बाद अब धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर लौट रही है. कई जगहों पर लोग अपनी जरूरत का सामान खरीदते दिखे. प्रशासन की कोशिश है कि ईद के मद्देनजर लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो. अधिकारियों ने जानकारी दी कि शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए लोगों को कर्फ्यू में ढील दी गयी. इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे. कर्फ्यू में ढील देने का फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल का था.
हालांकि सुरक्षा बलहाई अलर्ट पर थे. अधिकारियों के अनुसार डोभाल ने अधिकारियों से कहा था कि यह सुनिश्चित किया जाये कि किसी भी कश्मीरी को परेशानी न हो. शहर के सिविल लाइंस क्षेत्रों और डल झील के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध के एक दिन बाद लोगों की आवाजाही में ढील दी गयी. गुरुवार को पीएम मोदी ने कहा था, मैं जम्मू-कश्मीर के साथियों को भरोसा देता हूं कि धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जायेंगे और उनकी परेशानी भी कम होती चली जायेगी. गुरुवार को घाटी में हालात सामान्य होते भी दिखे. लोग अपने रोजमर्रा के कामों के लिए घरों से निकले और बाजार गये.
डोभाल मंगलवार से जम्मू-कश्मीर में कैंप कर रहे हैं
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शुक्रवार को श्रीनगर के संवदेनशील इलाकों का दौरा किया और स्थानीय लोगों एवं सुरक्षा कर्मियों से बातचीत की. डोभाल मंगलवार से जम्मू-कश्मीर में कैंप कर रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि एनएसए अपने सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ श्रीनगर के ईदगाह इलाके में गये और विभिन्न स्थानों पर लोगों से बातचीत की, वे लगभग ढाई घंटे तक लोगों से रुक-रुक कर बात करते रहे. बाद में उन्होंने पुलिस और सीआरपीएफ से बातचीत की और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर शानदार काम करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. एनएसए ने जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षा बलों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के बाद लागू प्रतिबंधों के चलते आम जनता को कोई परेशानी न हो.
जम्मू नगर सीमा से धारा 144 हटा ली गयी
जम्मू और कश्मीर के सांबा जिले में अधिकारियों के निर्देश के बाद गुरुवार को स्कूल और कॉलेज खुले. वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने सरकारी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से काम पर वापस लौटने का निर्देश दिया. जान लें कि अनुच्छेद 370 से संबंधित प्रस्ताव पांच अगस्त को राज्यसभा में पेश किये जाने से पहले ही पूरे जम्मू-कश्मीर में भारी सुरक्षाबल की तैनाती कर दी गयी थी. इससे एक दिन पूर्व चार अगस्त को राज्य में इंटरनेट और स्कूल-कॉलेजों को बंद करने का आदेश दे दिया गया था.
जम्मू कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश बन चुका है और वहां धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं. जम्मू जिले से धारा 144 हटा दी गयी है. जान लें कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के दौरान जम्मू कश्मीर के जिलों में धारा 144 लागू की गयी थी. जम्मू की डिप्टी मजिस्ट्रेट सुषमा चौहान के अनुसार धारा 144 को जम्मू नगर सीमा से हटा लिया गया है. सभी स्कूल और कॉलेज 10 अगस्त से खुलेंगे.
हालांकि यहां इंटरनेट सेवाओं पर अभी रोक रहेगी. इससे पहले जम्मू कश्मीर के दूसरे जिलों से भी धारा 144 हटा ली गयी थी. गुरुवार को ही प्रशासन ने फैसला किया था कि जम्मू के उधमपुर और सांबा में सरकारी-प्राइवेट स्कूल और कॉलेज शुक्रवार से खोले जायेंगे. उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर पीयूष सिंगला के अनुसार धारा 144 अभी भी लागू है लेकिन कुछ जगहों पर छूट दी गयी है. हर इलाके पर नजर रखे हुए हैं, बाजारों को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक के लिए खुला रखा गया है.
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