
Ahmedabad: नोटबंदी और जीएसटी, मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दो ऐसे बड़े फैसले थे जो हमेशा चर्चा में रहे. जीएसटी लागू होने के कारण कई बार राज्यों ने टैक्स कलेक्शन में कमी की बात कही.
अब पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात के डिप्टी सीएम ने भी माना है कि गुड्स सर्विस टैक्स लागू होने के बाद से राज्य सरकार को साल में 4-5 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है.
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4-5 हजार करोड़ का नुकसान
जीएसटी लागू होने की दूसरी सालगिरह के मौके पर अहमदाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल ने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर माना. साथ ही कहा कि जीएसटी के कारण गुजरात सरकार को साल का 4-5 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है.
लेकिन उन्होंने दावा किया कि जीएसटी आसान और पारदर्शी व्यवस्था बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है, जो अगली पीढ़ी के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा. जीएसटी को देशहित में बताते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमेशा आर्थिक फायदा या नुकसान नहीं देखा जा सकता.
फिलहाल भले ही नुकसान हुआ हो, लेकिन भविष्य में इसके बेहतर परिणाम सामने आयेंगे. साथ ही कहा कि पीएम अगर कोई योजना बनाते हैं तो सबसे ज्यादा ध्यान गुजरात का रखा जाना चाहिये.
जून में 99,939 करोड़ GST क्लेकशन
इधर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जून में एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया. और मामूली कम रहकर 99,939 करोड़ रुपये रहा. वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी.
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जून महीने में जीएसटी संग्रह का आंकड़ा मई के 1,00,289 करोड़ रुपये के मुकाबले कम रहा है. लेकिन यह पिछले साल जून के संग्रह 95,610 करोड़ रुपये से अधिक रहा है.
आंकड़ों के अनुसार, 30 जून, 2019 तक कुल दाखिल जीएसटीआर-3बी रिटर्न की संख्या 74.38 लाख पर पहुंच गई, जो मई में 72.45 लाख थी.
मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘जून में कुल सकल जीएसटी राजस्व संग्रह 99,939 करोड़ रुपये रहा. इसमें केंद्रीय जीएसटी का हिस्सा 18,366 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी का 25,343 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी का हिस्सा 47,772 करोड़ रुपये रहा है.
एकीकृत जीएसटी में आयात से जुटाया गया जीएसटी संग्रह 21,980 करोड़ रुपये है. इसके अलावा इसमें उपकर का हिस्सा 8,457 करोड़ रुपये है. उपकर में 876 करोड़ रुपये आयात से जुटाये गये हैं.
वित्त वर्ष के अंत तक पूरा होगा लक्ष्य- वित्त राज्यमंत्री
वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने इन आंकड़ों के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष के जीएसटी संग्रह के लक्ष्य को हासिल कर लेगी.
ठाकुर ने कहा, ‘‘यदि किसी महीने में संग्रह कम भी रहता है तो भी हम वित्त वर्ष के अंत तक बजट लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे. मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आगामी महीनों में जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी होगी.’’
सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 में 6.10 लाख करोड़ रुपये का सीजीएसटी और 1.01 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा उपकर जुटाने का लक्ष्य रखा है. आईजीएसटी में 50,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है.
बीते वित्त वर्ष में सीजीएसटी संग्रह 4.25 लाख करोड़ रुपये और राज्यों की राजस्व क्षतिपूर्ति के लिये लगाये गये उपकर से 97,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुये.
जून, 2019 में सरकार ने नियमित निपटान के तहत आईजीएसटी से केन्द्रीय जीएसटी का 18,169 करोड़ रुपये और राज्य जीएसटी का 13,613 करोड़ रुपये का निपटान किया है.
जून में नियमित निपटान के बाद केंद्र सरकार और राज्य सरकारों का सीजीएसटी से कुल कुल राजस्व संग्रह 36,535 करोड़ रुपये और एसजीएसटी से 38,956 करोड़ रुपये रहा.
पीडब्ल्यूसी इंडिया के भागीदार और लीडर (अप्रत्यक्ष कर) प्रतीक जैन ने कहा कि पिछले साल की तुलना में जीएसटी संग्रह में मामूली वृद्धि चिंता की बात है और हमें उम्मीद है कि आगामी महीनों में ऑडिट और जांच में बढ़ोतरी के उपाय देखने को मिलेंगे.
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