
Palamu : पलामू जिले में बाल श्रम कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. नावाबाजार इलाके में एनएच से सटे एक सड़क के मरम्मत कार्य में नाबालिगों को लगाया गया है.
बच्चे स्कूल छोड़कर दिन भर सड़क निर्माण में मजदूरी कर रहे हैं. यह सब दिन के उजाले में हो रहा है. इसे रोकने के लिए न कोई प्रशासनिक अधिकारी कोई कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही कोई स्वयंसेवी संस्था ही आगे आ रही है. बाल श्रम रोकने के लिए जिले में कई पदाधिकारी नियुक्त हैं.
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विभाग और कानून फेल
पलामू जिले में बाल मजदूरी समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है. हद तो यह है कि श्रम विभाग भी खुलेआम हो रही बाल मजदूरी पर चुप्पी साधे हुए है. शिक्षा के अधिकार जैसे कानून भी ऐसे बच्चों को बाल मजदूरी के जाल से बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं.
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जिला परिषद बोर्ड की बैठक में उठाउंगा मामला : पार्षद
नावाबाजार में एनएच 39 से पतरिया गांव तक पथ कालीकरण मरम्मत कार्य में बाल मजदूरों को लगाए जाने के मामले को जिला पार्षद अनुज राम ने गंभीरता से लिया है. पार्षद ने कहा कि इस मामले को जिला परिषद की बोर्ड बैठक में उठाउंगा.
अनुज राम ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने पाया कि पीसीसी पथ के निर्माण हुए लगभग छह माह ही हुए हैं और सड़क में दरार आ गयी है. इसके बाद इस पथ का कालीकरण किया. इसकी शिकायत जिले के उपायुक्त से की जायेगी.
उन्होंने कहा कि इस रोड का शिलान्यास प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चन्द्रवंशी द्वारा 2017 में ही किया गया था, लेकिन कार्य बहुत धीमी से करवाया जा रहा है.
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