
Dhanbad: 44 महीने के बकाये वेतन की मांग को लेकर आंदोलनरत झमाडा कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. झमाडा एमडी से वार्ता विफल होने के बाद लगभग 700 झमाडा कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गये हैं.
हालांकि, हड़ताल को लेकर एमडी ने धमकी भरे लहजे में कहा अगर हड़ताल पर गए तो ओर 6 महीने का पैसा रोक दूंगा.
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हालांकि, प्रबंधन के रवैये को देख कर्मचारियों ने 23 मई को ही इसकी घोषणा की थी. और अब झमाडा कर्मचारियों ने अपनी 9 सूत्री मांगों को लेकर 15 जून से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है. झमाडा के लगभग 700 कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे.
12 लाख की आबादी होगी प्रभावित
700 झमाडा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से झरिया सहित कई इलाको में पानी की भारी किल्लत होगी. लगभग 12 लाख की आबादी इससे प्रभावित होगी.
इस भीषण गर्मी में झरिया, कतरास, तोपचांची सहित कई इलाको में पानी की किल्लत होगी. वहीं लोगों को होने वाली परेशानी पर झमाडा कर्मचारियों का कहना है कि इसके लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार की नीति जिम्मेवार है.
क्या है मांगें
बता दें कि झमाडा कर्मचारियों को करीब चार साल से वेतन नहीं मिला है. अपने 44 महीने के बकाये वेतन के लिए ये लोग सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं. लेकिन हर बार इन झमाडा कर्मचारियों को जिला प्रशासन और राज्य सरकार द्वारा वेतन के बदले सिर्फ और सिर्फ आश्वासन ही मिला है.
झमाडा कर्मचारियों की मुख्य मांगों में छठ्ठा वेतन लागू करना, नियमित रूप से वेतन भुगतान, 44 महीने का एक साथ बकाया भुगतान सहित 9 सूत्री मांग शामिल है.
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों 22 दिसम्बर 2018 को झमाडा कर्मी की हड़ताल के दौरान नगर विकास सचिव से वार्ता हुई थी. उस दौरान बकाये वेतन भुगतान के साथ छठ्ठा वेतन मांग लागू करने की भी बात कही गयी थी. लेकिन ये महज आश्वासन ही साबित हुआ.
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