
NewDelhi : श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए बम धमाकों के बाद खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को भेजी एक रिपोर्ट में चेताया है कि देश में बड़े पैमाने पर कट्टरता का खतरा बढ़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार कई कट्टर इस्लामिक ग्रुप देश के कई शहरों में अपना पैठ बनाने की कोशिश में हैं. गृह मंत्रालय को भेजी गयी रिपोर्ट में कहा गया है कि केरल के कुछ रेडिकल ग्रुप जहां भारत और नेपाल सीमा पर लगातार रेडिक्लाइजेशन में लगे हैं, वहीं ऐसे ग्रुप के निशाने पर असम में रह रहे बांग्लादेशी मुसलमान भी हैं.
रिपोर्ट के अनुसार गल्फ देशों से आ रहे फंड की बदौलत कई इंटरनेशनल रेडिकल ग्रुप भी भारत के कई शहरों में अपनी गतिविधयां बढ़ाने में लगे हैं. जी न्यूज़ के पास लगी जानकारी के अनुसार तमिलनाडु का भी एक ग्रुप खुफिया एजेंसियों की रडार में है. जर्मनी, रूस, चीन और तुर्की में बैन हो चुके कुछ कट्टर रेडिकल ग्रुप भारत में अपना पैर पसारने की कोशिश में हैं.
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मुस्लिम युवकों को रेडिक्लाइज्ड किया था
गृह मंत्रालय ने खुफिया एजेंसियों को काफी गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों से ऐसे रेडिकल ग्रुप पर नज़र रखने को कहा गया है. गृह मंत्रालय ने एजेंसियों से कहा है कि इन रेडिकल ग्रुप की किन-किन शहरों में पहुंच हो चुकी हैं और इनके लीडर्स कौन कौन हैं, पता लगाया जाये.श्रीलंका में हुए धमाके के बाद हुई जांच में ये खुलासा हुआ है कि पिछले कुछ महीनों में श्रीलंका के कई इलाकों में ऐसे ग्रुप ने बड़े पैमाने पर मुस्लिम युवकों को रेडिक्लाइज्ड किया था.
इन्ही में से एक ग्रुप ने श्रीलंका में सीरियल बम धमाके किये थे. देखा जाये तो केरल समेत कई दक्षिण के राज्यों में आईएसआईएस अपने पैर पसारने में कोशिश में है. इसी सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) दर्जनों आईएसआईएस से जुड़े संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद खतरा अभी टला नहीं है.




