
Ranchi : आजसू ने ट्वीट करते हुए कहा है कि उम्मीदवार को पता होना चाहिए कि नेता का सौदा हो गया है. लोकसभा में राहुल गांधी नेता होंगे, तो राज्य में हेमंत सोरेन को नेता चुन लिया गया है. हलांकि राजद और झाविमो ने इस सौदे पर अपनी पूर्णतः सहमति नहीं जतायी है. न्यूज विंग को दिये इंटरव्यू में गिरिडीह सीट से लोकसभा के उम्मीदवार जगरनाथ महतो ने कहा था कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री का चेहरा नहीं हैं. चेहरा होने से क्या होगा. जब तक नाम घोषित नहीं होगा, ये कैसे बोला जा सकता है. यूपीए को बहुमत आयेगा तो प्रधानमंत्री का नाम तय किया जायेगा.
@JmmJharkhand उम्मीदवार जगरनाथ जी को यह पता होना चाहिए की नेता का सौदा हो चुका है । इस सौदे में लोकसभा में @RahulGandhi और विधानसभा में @HemantSorenJMM नेता होंगे । हालांकि झाविमो और @RJDforIndia ने इस सौदे पर अपनी पूर्णतः सहमति नहीं जताई है। pic.twitter.com/VL5j7T6spN
— AJSU PARTY (@ajsupartyjh) April 14, 2019
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चंद्रप्रकाश को कहा था रामगढ़ चले जायें, गिरिडीह में उनकी कोई जगह नहीं
जगरनाथ महतो ने एनडीए से गिरिडीह के उम्मीदवार चंद्रप्रकाश चौधरी को सलाह दिया कि चंद्रप्रकाश चौधरी रामगढ़ लौट जायें, गिरिडीह में उनके लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि एमपी से ज्यादा मंत्री के पास पावर होता है. 15 साल मंत्री रहने के बाद भी कोई काम नहीं किया, अब कहते हैं कि विकास करेंगे. मंत्री जी मोदी जी के नाम पर अपना बेड़ा पार करना चाहते हैं. उनके पास अपने किये कामों को बोलने के लिए कुछ है ही नहीं.
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जगरनाथ और चंद्रप्रकाश के बीच है मुकाबला
गिरिडीह संसदीय क्षेत्र में मुकाबला महागठबंधन के जगरनाथ महतो और एनडीए के चंद्रप्रकाश चौधरी के बीच है. दोनों फिलहाल विधायक हैं. चंद्रप्रकाश चौधरी के पास मंत्री पद भी है. गिरिडीह कुरमी बहुल क्षेत्र है और दोनों उम्मीदवार एक ही जाति के हैं. जगरनाथ महतो पिछले चुनाव में बेहद कम अंतर से हारे थे. इस बार वे अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. वहीं आजसू के चंद्रप्रकाश चौधरी भी जीत के लिए काफी दमखम लगा रहे हैं.
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