
Ranchi: झारखंड प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार व केंद्र सरकार से परिवहन से जुड़े मसलों के समाधान समय पर करने की मांग रखी है. साथ में ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के 30 दिनों के नोटिस के बाद परिवहन व्यवसाय के अनिश्चितकालिन राष्ट्रव्यापी निलंबन में जाने की घोषणा का समर्थन किया है.
प्रदेश अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह ने कहा कि कोरोना के चलते देश भर में परिवहन व्यवसाय में बुरा असर पड़ा है. लॉकडाउन से पूरा व्यवसाय ठप पड़ गया है. इसके अलावा डीजल, पार्ट्स इत्यादि के मूल्य में भी लगातार वृद्धि हो रही है.
झारखंड में भी दो माह से बस परिचालन बंद है. इस वजह से बस संचालकों की आर्थिक स्थिति खराब है. ऐसे में सरकार को अविलंब परिवहन व्यवसाय को राहत देनी चाहिए.
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ये है प्रमुख मांगें
- केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में कमी और राज्यों द्वारा डीजल और पेट्रोल पर वैट करने.
- देशभर में डीजल और पेट्रोल की एक समान दर, एक तिमाही में संशोधन हो.
- मौजूदा परिदृश्य में छह महीने के लिए ईएमआई, मोराटोरियम की घोषणा की जाये.
- ई-वे बिल जारी करना. इ-वे की वैधता के लिए निर्धारित समय-सीमा को हर 100 किलोमीटर के लिए एक दिन के पहले के स्तर पर बहाल किया जाये.
- स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह अवधि का रोड टैक्स माफ किया जाना चाहिए.




