
- आश्रित बच्चों को शहीदों के बच्चों को मिलने वाली सुविधा देने की भी मांग
Ranchi: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर बताया है कि देशभर में 87 हजार हेल्थकेयर वर्कर कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें 2006 डॉक्टर हैं जिनमें 307 की मौत भी कोरोना संक्रमण से हो चुकी है.
आइएमए ने पीएम को लिखे पत्र में मांग की है कि जिन डॉक्टरों की संक्रमण से मौत हो गयी है उनके आश्रितों को एक सरकारी नौकरी उनकी योग्यता के हिसाब से दी जाये. आर्मी में शहीदों के बच्चों को मिलने वाली सुविधा इस महामारी में लड़ने और जान गंवाने वालों के बच्चों को भी दी जाये.
आइएमए ने पीएम का ध्यान इस ओर दिलाया है कि केंद्र सरकार द्वारा इस महामारी में जान गंवाने वाले कोरोना वारियर्स को जो बीमा का लाभ दिया जाना थी वो अभी तक किसी न किसी वजह से मिल नहीं सका है. साथ ही एसोसिएशन ने यह भी बताया है कि कई मामलों में यह इंश्योरेंस लैप्स भी कर गया है जिसे रीकंसिडर करने की जरूरत है.
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जिलों में डॉक्टरों को मिलने वाली सुविधा पर ध्यान देने की जरूरत
आइएमए ने पत्र लिखकर पीएम मोदी को बताया है कि कुछ सप्ताह में भारत कोरोना संक्रमितों की संख्या के मामले में पूरी दुनिया में सबसे आगे हो जायेगा. इसलिए अब जरूरत है कि मेडिकल प्रोफेशन में यूनिफॉर्म प्रैक्टिस लागू की जाये. डॉक्टरों की विभिन्न जिलों में ड्यूटी लगायी गयी है. पर उनको मिलने वाली सुविधाओं में अंतर देखा जा रहा है. जिला प्रशासन डॉक्टरों की सेफ्टी का ध्यान नहीं रख रहे हैं.
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों को बिना क्वारेंटाइन फैसिलिटी के 24 घंटे सातों दिन काम कराया जा रहा है. ऐसे में डॉक्टरों का सुरक्षित रहना मुश्किल हो जायेगा. साथ ही सरकारी डॉक्टरों के साथ-साथ अब प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों से भी काम लेने की सलाह आइएमए ने पीएम को दी है.
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