
Ranchi : पर्यटन विविध भाषाओं एवं संस्कृति का दर्पण है. भारत की विविधता और उसके प्रत्येक पहलू को जानने के लिए पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान है. मनोरंजन के साथ-साथ यह अर्थव्यस्था के लिए प्रमुख आधार के रूप में कार्य करती है. ये बातें रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो (डॉ) कामिनी कुमार के विश्वविद्यालय सभागार में कही. वह बुधवार को वरिष्ठ शिक्षक सह एसोसिएट प्रो डॉ ए के चट्टोराज एवं डॉ अमित कुमार की पुस्तक “टूरिज्म इंडस्ट्री ऑन इंडियन इकोनॉमी” के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रही थी. यह पुस्तक एसबीपीडी पब्लिकेशन के द्वारा प्रकाशित है.
डॉ. अमित कुमार ने कहा कि मेरी पुस्तक में अर्थव्यस्था और पर्यटन को जोड़ने का प्रयास किया गया है क्योंकि मेरा ऐसा मानना है कि आतंकवाद लोगों को बांटता है जबकि पर्यटन जोड़ता है.
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सभागार में मौजूद मारवाड़ी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ मनोज कुमार के शुभकामना देते हुए कहा कि हमारे महाविद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षक काफी ऊर्जावान एवं कर्मठ हैं. मेरा यह प्रयास है कि मारवाड़ी महाविद्यालय को एक ऊंचाई तक ले जाए.
लेखक के पिता रमेश महतो ने अपनी प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि मैं कृषि कार्य में होते हुए आज अपनी संतान को इस स्थान में देखकर अत्यंत गर्व महसूस कर रहा हूं.
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धन्यवाद ज्ञापन देते हुए मारवाड़ी महाविद्यालय के हेड एवं डीन, वाणिज्य विभाग, डॉ आरआर शर्मा ने कहा कि यह अवसर वाणिज्य विभाग के लिए गौरव का क्षण है.
लोकार्पण समारोह में डॉ एम सी मेहता (कुलसचिव), डॉ के ए एन शाहदेव (वित्त लेखाधिकारी), डॉ प्रीतम कुमार (उप कुलसचिव), डॉ राज कुमार शर्मा (डी एस डब्लू) डॉ सुदेश साहू (संकायाध्यक्ष, वाणिज्य विभाग), डॉ ए के चट्टोराज, डॉ बी बी महतो, आकांक्षा वर्मा, दीपक गुप्ता, विनीत तिवारी एवं अजीत उपाध्याय उपस्थित थे.
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