
Ranchi: कोरोना संकट स्वास्थ्य सेवाओं की कड़ी परीक्षा ले रहा है. बनकर तैयार खड़े स्वास्थ्य केंद्र लोगों को मुंह चिढा रहे हैं. कोरोना के बढ़ते कहर के बीच राज्य के अलग-अलग जिलों में 620 नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र कोढ़ में खाज साबित होते दिखते हैं.
पिछले 10-12 सालों के अंदर (2018-2019 तक) विभिन्न जिलों में कई हेल्थ सेंटर (सीएचसी, पीएचसी, एचएससी) तैयार किये गये पर इनकी सेवाएं या इनका उपयोग अब तक शुरू नहीं हो सका है. 2020 में कोरोना के कारण लॉकडाउन और दूसरी समस्याओं के कारण नये भवन नहीं बनाये गये. पर तैयार भवनों का उपयोग शुरू नहीं किया जाना सबों को अखर रहा है.
ऐसे में नागरिक समाज ने लगातार सरकार और जिला प्रशासन के पास आवाज उठानी शुरू कर दी है. प्रशासनिक स्तर पर भी एक दूसरे के पास चिट्ठी भेजने की कवायद फिर से होने लगी है.
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कैरो का स्वास्थ्य उप केंद्र शुरू कराने की सीएम से अपील
लोहरदगा के कैरो ब्लॉक में बना हेल्थ सब सेंटर एक बानगी है कि 8 साल पहले से यह बनकर लगभग तैयार है. पर सरकार और जनता के लिए इस भवन का कोई मतलब नहीं. मौलाना आजाद वेलफेयर सोसाइटी, कैरो ने इस संबंध में सीएम को पत्र लिखा है.
अध्यक्ष जावेद अख्तर ने कहा है कि 2007-08 की योजना के तहत 2013 में बनकर तैयार हुआ. उद्घाटन की बाट जोहते अब यह खंडहर होने को है. कई बार इसे शुरू कराये जाने को लेकर नागरिकों ने प्रशासन के पास फरियाद की पर असर नहीं पड़ा.
समूचे कैरो प्रखंड में लोगों के लिए एक भी सरकारी चिकित्सालय नहीं है. जो पीएचसी है, वह 3 कमरे का है जिसमें एक डॉक्टर, दो एएनएम की सेवाएं मिल रही हैं जो कैरो ब्लॉक की 35 हजार से अधिक आबादी को देखते नाकाफी है.
यहां तक कि इस सेंटर में महिला डॉक्टर की भी कमी है जिससे गर्भवती महिलाओं के सामने विकट स्थिति पैदा होती रहती है. सेंटर में पानी, शौचालय, प्रसव कक्ष का भी अभाव है. दो एएनएम के ही भरोसे प्रसव कार्य कराये जाते हैं. ऐसे में मजबूरन गर्भवती महिलाओं और दूसरे मरीजों को कोरोना जैसे संकट काल में भी 30 किमी दूर जिला मुख्यालय या रांची तक भागना पड़ता है.
क्या कहते हैं जिम्मेवार
कैरो बीडीओ पवन कुमार महतो ने न्यूज विंग से कहा कि अभी उन्हें ज्यादा समय इस प्रखंड में आये नहीं हुआ. फिलहाल इतनी ही जानकारी है कि लगभग एक करोड़ की लागत से बना स्वास्थ्य केंद्र का भवन अभी तक हैंड ओवर ही नहीं हो सका है.
2012-13 के आसपास इसे तकरीबन तैयार कर लिया गया था. पर तत्कालीन जेइ की लापरवाही की बात इसमें सामने आयी थी और एफआईआर भी हुआ था. इसके बाद से मामला बंद पड़ा है. वे अब सीनियर अथॉरिटी को पत्र लिखकर इस सेंटर को दुरूस्त कराकर आम लोगों के हित में शुरू कराये जाने को लेटर लिखेंगे.

कैरो ब्लॉक बन जाने के बावजूद अभी भी यहां सीएचसी नहीं है. कुडू के ही सीएचसी पर कैरो का भी लोड है. कुडू की प्रभारी चिकित्सक डॉ सोलामी होरो कहती हैं कि कैरो का भवन उपयोग में रहने पर राहत होती. पर ऐसा नहीं होने से नागरिकों को भी परेशानी हो रही है. उन्होंने कई बार कैरो के नये भवन को ठीक कराकर सेवा लिये जाने का आग्रह सीएस के पास किया है.
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लोहरदगा में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाएं
जिला प्रशासन (लोहरदगा) के मुताबिक जिले में एक जिला स्तरीय हॉस्पिटल, 75 स्वास्थ्य केन्द्र और 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं. यह जिला पूरी तरह से कुष्ठ, मलेरिया और पोलियो मुक्त अभियान के तहत कवर किया गया है.
कुड़ू सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को नये भवन की आवश्यकता है. इरगांव, उगरा, मक्का, जोबांग सलगी एवं कैरो में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हेतु नये भवन की जरूरत है.
जिले में स्थित अस्पताल एवं नर्सिंग होम की सूची
- सदर अस्पताल, लोहरदगा
- शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, हटिया गार्डन, लोहरदगा
- स्ंत उर्सुला अस्पताल, कॉलेज रोड, लोहरदगा
- आईसरट अस्पताल, बसारडीह, लोहरदगा
- दुतिका सावित्री नर्सिंग होम, बीआईडी, लोहरदगा
- गौतम नर्सिंग होम, कोर्ट रोड, लोहरदगा
- संजीवनी अस्पताल, कोर्ट रोड, लोहरदगा
- साईं नर्सिंग होम (फारेस्ट चेकनाका), लोहरदगा,
- लक्ष्मी नर्सिंग होम, किस्को मोड़, लोहरदगा,
- मधुर सेवासदन, कुड़ु, लोहरदगा
- गांधी मेडिकेयर सेन्टर, झीको चट्टी, भण्डरा, लोहरदगा
- प्रसाद नर्सिंग होम, बरवाओली, लोहरदगा
- नारायण नर्सिंग होम, थाना टोली, लोहरदगा
प्रखंडवार अस्पताल एवं नर्सिंग होम
| प्रखण्ड | सीएचसी | पीएचसी |
| कुडू | 1 | 2 |
| किस्को | 1 | 3 |
| सेन्हा | 1 | 2 |
| भंडरा | 1 | 1 |
| लोहरदगा सदर | 0 | 2 |
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