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मानव तस्करी के शिकार 36 बच्चे एयरलिफ्ट कर दिल्ली से रांची लाये गये

मानव तस्करी के शिकार 66 बच्चों को रेस्क्यू कर दिल्ली के विभिन्न शेल्टर होम में रखा गया था.

RANCHI : मानव तस्करी के शिकार 36 बच्चों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली से रांची वापस लाया गया है. इनमें 18 बच्चों को बुधवार को विमान से रांची लाया गया था. गुरूवार को भी इंडिगो की सुबह की फ्लाइट से 18 बच्चे रांची लाये गये हैं. 17 बच्चे 25 अक्तूबर को रांची पहुंचेंगे.
बाल कल्याण संघ के सचिव संजय मिश्रा ने कहा कि जिन बच्चों को रांची लाया गया है उनकी समुचित देखभाल की जा रही है. सरकार तथा विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से इन बच्चों को एयरलिफ्ट कर रांची लाया जा रहा है. इससे पहले हेमंत सरकार ने कुछ महीने पूर्व मजदूरों को भी एयरलिफ्ट कर राज्य में वापस लाने का काम किया था.

62 बच्चे दिल्ली के विभिन्न शेल्टर होम में रखे गये थे

बता दें कि मानव तस्करी के शिकार 66 बच्चों को रेस्क्यू कर दिल्ली के विभिन्न शेल्टर होम में रखा गया था. इन बच्चों को 30 जुलाई तक वापस लाने की बात थी पर कोविड की वजह से इन्हें लाना संभव नहीं हो पा रहा था. पिछले दिनों झारखंड सरकार ने घोषणा की थी इन बच्चों को दिल्ली से एयर लिफ्ट कर रांची लाया जायेगा.
इसके बाद पहले बुधवार और गुरूवार को दो अलग-अलग बैच में 18-18 बच्चों को वापस लाया गया. रांची वापस लाने से पहले जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गयी. इसके अलावा इन बच्चों का कोविड टेस्ट भी कराया गया था.

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रांची में 14 दिनों के क्वारंटीन में रहेंगे बच्चे

रांची लाने के बाद इन सभी का फिर से कोविड टेस्ट होगा. सभी बच्चों को रांची के अलग-अलग स्थानों पर रखा गया है. बच्चों को फिलहाल 14 दिनों की क्वारंटीन की अवधि पूरी करनी होगी. इसके बाद बच्चों को संबंधित जिलों में भेजा जायेगा. इसके लिए संबंधित जिलों के डीसीपीओ से संपर्क किया जा रहा है. जिलों में बच्चों के भेजने के बाद उन्हें उनके अभिभावकों को सौंपा जायेगा.

साहेबगंज जिले के सबसे ज्यादा बच्चे

मानव तस्करी से रेस्क्यू किये गये 66 बच्चों में 56 लड़कियां और 10 लड़के हैं. इन्हें दलाल दिल्ली में अच्छे पैसे का लालच दिलाकर ले गये थे. इन सभी को कठिन परिस्थितियों में दिल्ली में काम करना पड़ रहा था. कई बच्चों को बुरी तरह शोषण हो रहा था. इन सभी को दिल्ली पुलिस, महिला आयोग और दिल्ली तथा झारखंड में काम करनेवाली स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से बरामद किया गया था.

ये बच्चे दिल्ली के अलग-अलग शेल्टर होम में थे और वापस आने की बाट जोह रहे थे. इनमें सबसे ज्यादा बच्चें सालेबगंज जिले के हैं. इसके साथ ही खूंटी, लातेहार, सरायकेला सहित अन्य जिलों के बच्चे भी शामिल है.

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