न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

…तो बैंकों के पास कर्ज देने को उपलब्ध होंगे 3.5 लाख करोड़ रुपये : विशेषज्ञ

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इससे उन बैंकों पर असर पड़ेगा जो पूंजी की इस नियामकीय अनिवार्यता से नीचे हैं

39

 NewDelhi : भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सुरक्षित पूंजी संबंधित पूंजी स्थिरता बफर (सीसीबी) नियमों को पूरा करने की समयसीमा एक साल टालने के कदम से बैंकों की कर्ज देने की क्षमता 3.5 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ जायेगी.  विशेषज्ञों ने यह राय जताई है.  इस अतिरिक्त राशि से सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की पूंजी जरूरतों को पूरा किया जा सके, जो नकदी संकट का सामना कर रही हैं.  सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इससे उन बैंकों पर असर पड़ेगा जो पूंजी की इस नियामकीय अनिवार्यता से नीचे हैं.  इससे कुछ बैंकों को बाजार से पूंजी जुटाने की योजना को टालने में मदद मिलेगी.  इससे पहले इसी सप्ताह रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल ने 0.625 प्रतिशत जोखिम भारांश संपत्तियों (आरडब्ल्यूए) के सीसीबी नियम के क्रियान्वयन की समयसीमा को एक साल बढ़ाकर मार्च, 2020 कर दिया है.

हालांकि, बोर्ड ने पूंजी पर्याप्तता अनुपात या सीआरएआर को नौ प्रतिशत पर कायम रखने का फैसला किया है.  हालांकि, बासेल तीन नियमों में इसे आठ प्रतिशत तय किया गया है. सीसीबी अभी 1.875 प्रतिशत है और शेष 0.625 प्रतिशत को रिजर्व बैंक द्वारा पहले तय की गई समयसीमा के तहत मार्च, 2019 तक पूरा किया जाना था.

hosp1

इसे भी पढ़ें : रीयल्टी क्षेत्र के शीर्ष 100 कारोबारियों की निजी हैसियत 27 प्रतिशत बढ़कर 2.37 लाख करोड़ रुपये

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: