
- कौशल विकास से प्रशिक्षण प्राप्त कर 2370255 लोगों को मिली नौकरी
- महिला सशक्तिकरण के लिए भी कौशल विकास में चल रही योजनाएं
Ranchi : प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना सहित अन्य कौशल योजनाओं से अब तक देश भर के 2.21 करोड़ अभ्यर्थियों ने नामांकन करा कर इस परियोजना में रुचि दिखाई है. इनमें से 23 लाख 70 हजार 255 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देकर देश भर की विभिन्न संस्थाओं में उनका प्लेसमेंट करवाया गया है. अब तक इस योजना के क्रियान्वयन में 2656 करोड़ से अधिक की राशि खर्च हुई है.
उक्त आशय की जानकारी केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने लोकसभा में दी. लोकसभा में सांसद संजय सेठ ने कौशल विकास की परियोजनाओं, प्रशिक्षण, प्लेसमेंट से जुड़ी जानकारी मांगी थी. इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि अब तक पूरे देश में 45115 ऐसे प्रशिक्षण केंद्र चल रहे हैं, जहां कौशल विकास से संबंधित विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इन प्रशिक्षण केंद्रों में झारखंड में 817 प्रशिक्षण केंद्रों का संचालन हो रहा है.
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केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं से देशभर के दो करोड़ 21 लाख 62 हजार 783 अभ्यर्थी जुड़े हैं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करने में रुचि दिखाई. इन अभ्यर्थियों में झारखंड के 4 लाख 74 हजार 686 अभ्यर्थी शामिल है.
अब तक देश भर में 68 लाख 88 हजार 232 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया गया जबकि 53 लाख 88 हजार 755 अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया. इनमें से 23 लाख 70 हजार 255 अभ्यर्थी देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्लेस्ड किए गए यानी उन्हें विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से नौकरी दी गई.
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इसके तहत झारखंड में 1 लाख 16 हजार 156 अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण लिया और 80 हजार 052 अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र दिया गया. वहीं 26671 अभ्यर्थियों को झारखंड में विभिन्न संस्थानों के माध्यम से नौकरी दिलाई गई.
केंद्रीय मंत्री ने सदन में बताया कि कौशल विकास कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ नौकरी दिलाना नहीं बल्कि उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना भी है. इस निमित्त जिन्हें प्लेसमेंट की आवश्यकता है, उन्हें प्लेसमेंट दिलाया गया और इसके अतिरिक्त अन्य लोगों को विभिन्न तरह से मदद देकर स्वरोजगार के लिए भी खड़ा किया गया.
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ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके. समय-समय पर जिला कौशल कमिटी के माध्यम से इसकी मॉनिटरिंग की जाती है और सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रशिक्षण के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है कि अभ्यर्थियों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित किया जाए.यह कार्यक्रम महिलाओं को भी प्रोत्साहित करने के लिए है. महिला सशक्तिकरण हो, इस दिशा में कौशल विकास मंत्रालय विशेष कार्य कर रहा है.
देश के आर्थिक विकास में महिलाओं की भागीदारी अधिक से अधिक हो सके, इसको लेकर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत अलग से भी कई कार्यक्रम कराए जा रहे हैं. जिसमें महिलाओं की अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है.
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