
Palamu : एंटी नक्सल अभियान के तहत सीआरपीएफ की ओर से कई तरह के कार्यक्रम की शुरूआत की गयी है. आदिवासी युवा एक्सचेंज कार्यक्रम इनमें से एक है. इसके तहत अब तक पलामू जिले के सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले दो दर्जन से अधिक युवाओं को सांस्कृतिक आदान प्रदान के लिए बाहर के प्रदेशों में भेजा गया है. ताकि उन्हें दूसरे इलाके के रहन-सहन की जानकारी हो सके.
29 दिसंबर से 4 जनवरी तक गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे
मंगलवार को कुछ इसी उद्देश्य से 11वें आदिवासी युवा एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत 20 युवक-युवतियों के प्रथम दल को गुजरात रवाना किया गया. उनके साथ सीआरपीएफ की तरफ से महिला और पुरूषों को मिलाकार दो गाइड-एस्कार्ट भी भेजा गया है. दल के सभी लोग आगामी 29 दिसंबर से 4 जनवरी 2019 तक केरिपुबल गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां वे संस्कृति और रहन सहन से संबंधित जानकारी प्राप्त करेंगे.
ट्राइबल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम की शुरूआत
प्रस्थान से पूर्व जीएलए कॉलेज के पास 134 वाहिनी सीआरपीएफ प्रांगण में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसके मुख्य अतिथि के तौर पर जिले के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा उपस्थित थे. मुख्य अतिथि ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले आदिवासी युवकों एवं युवतियों को नक्सलवाद से विमुख करने के लिए एवं विकास के रास्ते पर अग्रसर होने हेतु यह कार्य भारत सरकार द्वारा आयोजित किया गया है. इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्रालय और युवा खेल-कूद एवं कला संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में ट्राइबल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम की शुरूआत की गयी है. वाहिनी के कमांडेंट अरूण देव शर्मा ने कहा कि इस तरह की संस्कृति आदान प्रदान कार्यक्रम से देश कि एकता और मजबूत होगी. उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकमानाएं दी. कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के दल को हरी झंडी दिखाकर प्रस्थान किया गया.




