
Ranchi : खूंटी में सोमवार को मुठभेड़ में मारा गया 15 लाख का इनामी शीर्ष नक्सली जीदन गुड़िया पर 129 मामले दर्ज हैं. पीएलएफआई के कुख्यात नक्सली जीदन गुड़िया की गिनती कम उम्र में ही खूंखार उग्रवादियों में होने लगी थी. साल 2007 में झारखंड लिबरेशन टाइगर के पीएलएफआई में बदलने के बाद जीदन गुड़िया का नाम काफी तेजी से उभरा था. पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के बाद संगठन में दूसरे नंबर पर था. 34 साल की उम्र में कुल 129 कांडों को अंजाम देने का आरोप था.
खूंटी में है सबसे अधिक 109 मामले
जीदन गुड़िया खूंटी में सबसे अधिक 109 मामले दर्ज हैं. रांची में चार मामले दर्ज हैं. इसी तरह चाईबासा में 13 और सिमडेगा में तीन मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या लूट जैसे संगीन मामले हैं.
पत्नी को राजनीति में किया था आगे
जीदन ने खुद फरार होने की वजह से अपनी पत्नी को राजनीति में आगे किया. इसके बाद पत्नी को मुखिया बनवाया. बाद में जिला परिषद चुनाव में भी जीदन गुड़िया ने अपनी पत्नी को उतारा. साल 2017 में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जीदन गुड़िया ने अपनी पत्नी जॉनिका गुड़िया को निर्विरोध जिला परिषद सदस्य निर्वाचित कराया था.
10 मिनट की फायरिंग हो गया ढेर
झारखंड के खूंटी जिला अंतर्गत मुरहू थाना इलाके में पुलिस-पीएलएफआई के बीच मुठभेड़ में 15 लाख का इनामी शीर्ष नक्सली जीदन गुड़िया मारा गया है. सोमवार सुबह करीब 9 बजे कुख्यात 15 लाख का इनामी नक्सली जिदन गुड़िया दस्ते के सदस्यों के साथ ढुस्का और सब्जी नास्ता करने की तैयारी में था कि अचानक सीआरपीएफ की अल्फा और फॉक्स टीम ने चारों तरफ से घेर लिया. अचानक पुलिस टीम को सामने देख जिदन नास्ता छोड़कर एक-47 से गोली चलाना शुरू कर दिया. इसके बाद सीआरपीएफ की टीम ने भी जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। करीब 5 से 10 मिनट तक दोनों तरफ से फायरिंग हुई. जिसमें जिदन गुड़िया को एक गोली सीने में और दूसरी गोली पैर में लगी. गोली लगने के उपरांत ही जिदन गुड़िया ढेर हो गया.
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