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न मेयर, न विधायक, इलाहीबख्श मोहल्ले को किसी ने नहीं बख्शी इनायत

  • 10 बरस बीत गये मोहल्ले के बसे हुए, न सड़क बनी, न नाली
  • मोहल्लेवाले बोले- रांची नगर निगम में की थी शिकायत, कंप्लेंट नंबर मिला, सुविधाएं नहीं

Ranchi : राजधानी रांची के कांटाटोली से पास बसा है इलाही बख्श मोहल्ला. कांके विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाले इस मोहल्ले में करीब 2500 से अधिक की आबादी है. यानी एक वोट बैंक वाला मोहल्ला, जो कि करीब 10 साल पहले बसा था. लेकिन स्थिति यह है कि यह मोहल्ला आज भी विकास से कोसों दूर हैं. न तो यहां रोड बना है न ही नाली. सुविधाओं के अभाव में जिंदगी नरक से भी बदतर बनी हुई है.

समस्या बताने के लिए न्यूज विंग से किया संपर्क

मोहल्ले की एक महिला का नाम है अफ्सा आलम. मोहल्ले की समस्या बताने के लिए ही उन्होंने न्यूज विंग से विशेष तौर पर संपर्क साधा. उन्होंने बताया कि मोहल्ला के निर्माण के बाद से यहां विकास नाम की कोई चीज उन्होंने नहीं देखी है.

मोहल्ले की रोड की जैसी हालत है, उससे तो बच्चों को स्कूल भेजना दूभर हो गया है. एकबार तो स्वयं उनके साथ ही दुर्घटना घट चुकी है. उन्होंने कहा कि मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, स्थानीय पार्षद कुलभूषण डुंगडुंग सहित पूर्व के विधायक जीतू चरण राम से मोहल्लेवासी परेशानी साझा कर चुके हैं, लेकिन इसका कोई असर उन पर नहीं हुआ है.

वर्तमान विधायक समरी लाल को तो इसकी जानकारी तक नहीं है. रांची नगर निगम में भी इसकी शिकायत की गयी है. एक कंम्पलेन नंबर भी मिला था, लेकिन इसका भी कोई फायदा नहीं हुआ.

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10 साल से देख रहा, यहां के जैसी हालत शायद ही कहीं हो : अब्दुल

परेशानी बताते स्थानीय निवासी.

स्थानीय निवासी अब्दुल रज्जाक कहते हैं कि 10 साल से इस मोहल्ले को बसा देख रहा हूं, लेकिन जैसी समस्या यहां की हैं, शायद ही किसी इलाके की हो. अब्दुल कहते हैं कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए, केवल यही कि मोहल्ले का विकास हो. स्थानीय विधायक, मेयर, पार्षद के पास जाते हैं, तो केवल आश्वासन मिलता है. लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने आज तक इलाके में झांककर नहीं देखा कि 2500 से अधिक आबादी वाले इस मोहल्ले के लोग किस तरह की परेशानी झेल रहे हैं. मो. यासीन कहते हैं कि केवल आश्वासन ही मिला है, विकास का काम क्या होता है, यह शायद ही मोहल्ले के लोगों ने देखा है.

अस्पताल पहुंचने से पहले ही बीमार व्यक्ति बीच रोड में मर जाये : सईदा

स्थानीय महिला सईदा कहती हैं कि मोहल्ले में सड़क और नाली की जैसी समस्या बनी है, वह बयां करना मुश्किल हैं. घर में अगर किसी की तबीयत खराब हो जाए, तो अस्पताल पहुंचने से पहले ही बीमार व्यक्ति बीच रोड में मर जाए. थोड़ी देर भी बारिश होती है, तो पूरा मोहल्ला तालाब बना जाता है.

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घर आया शादी का रिश्ता भी टूट जाता है

मोहल्ले की एक महिला ने बताया कि मोहल्ले में जर्जर रोड और नाली की जो स्थिति है, उससे तो घर आया शादी का रिश्ता भी टूट जाता है. स्थिति बताने के लिए मोहल्ले वाले ने पूर्व विधायक को तो एक बार मोहल्ला भी लाने का जोखिम उठाया. जब वे आये, तो पूरे मोहल्ले में भरे कादो-कीचड़ के बीच आये थे. लेकिन फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ.

जल्द करेंगे क्षेत्र का दौरा : समरी लाल

स्थानीय विधायक समरी लाल भी मानते है कि वाकई 10 साल से राजधानी को कोई इलाका विकास से दूर है, तो यह शर्म की बात है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही वे क्षेत्र का दौरा करेंगे. स्थिति को देख-समझ जैसे ही उनके पास विकास का फंड आएगा, तो इस परेशानी को दूर करेंगे.

फंड की समस्या है. जैसे मिलता है, तो काम शुरू किया जायेगा : संजीव विजयवर्गीय

डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय बताते है कि ईलाही बख्श कॉलोनी पहले वार्ड नंबर 7 में पड़ता था. परिसीमन के बाद अभी कुछ इलाका अभी 12 में चला गया है. उन्होंने कहा कि पिछले 7 सालों में इस इलाके में विकास के लिए निगम करीब 30 करोड़ रूपये खर्च कर चुका है. चूंकि नया इलाका होने के कारण यह काफी बढ़ा है. वहीं अभी निगम के पास फंड की भी समस्या है. ऐसे में जैसे ही निगम को फंड जारी होता है, तो मोहल्ले में काम शुरू किया जाएगा.

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