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कोबरा बटालियन के साथ घूमता है 10 लाख का वांटेड उग्रवादी पप्पू लोहरा व 5 लाख का इनामी सुशील उरांव (देखें एक्सक्लूसिव तस्वीरें)

नक्सलियों-उग्रवादियों के खात्मे के लिए सरकार ने उनपर इनाम की घोषणा की है. नक्सलियों-उग्रवादियों पर उनके पद के हिसाब से एक लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के इनाम की घोषणा कर रखी है.

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Ranchi: झारखंड पुलिस नक्सलियों व उग्रवादियों के खिलाफ अभियान चलाती है. सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन अभियान में पुलिस की मदद करती है. नक्सलियों-उग्रवादियों के खात्मे के लिए सरकार ने उनपर इनाम की घोषणा की है. नक्सलियों-उग्रवादियों पर उनके पद के हिसाब से एक लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के इनाम की घोषणा कर रखी है. झारखंड पुलिस पर यह आरोप लगते रहे हैं कि जेजेएमपी नामक उग्रवादी संगठन से पुलिस, सीआऱपीएफ व कोबरा बटालियन की सांठ-गांठ है. हालांकि पुलिस इससे इंकार करती रही है. पुलिस कहती रही है कि जेजेएमपी एक उग्रवादी संगठन है. इस संगठन को सरकार ने प्रतिबंधित कर रखा है और संगठन के उग्रवादियों के खिलाफ इनाम की घोषणा भी है. इस बीच न्यूज विंग को कुछ ऐसी तस्वीरें हाथ लगी हैं, जो उन आरोपों को पुख्ता करते हैं कि पुलिस का जेजेएमपी संगठन से सांठ-गांठ है.

कोबरा बटालियन के साथ घूमता है 10 लाख का वांटेड उग्रवादी पप्पू लोहरा व 5 लाख का इनामी सुशील उरांव

कोबरा बटालियन के साथ घूमता है 10 लाख का वांटेड उग्रवादी पप्पू लोहरा व 5 लाख का इनामी सुशील उरांव

तस्वीर उपलब्ध कराने और पूरे मामले की जानकारी देने के बाद सीआरपीएफ के झारखंड सेक्टर के आईजी संजय आनंद लाटकर ने कहा कि हम तस्वीरों की जांच करायेंगे. जांच में तस्वीर सही पाये जाने के बाद संबंधित अफसरों व पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

न्यूज विंग को मिली तीन तस्वीरों में जेजेएमपी का जोनल कमांडर पप्पू लोहरा उर्फ सोमेद लोहरा औऱ सब जोनल कमांडर बीरबल उरांव उर्फ सुशील उऱांव कोबरा बटालियन के जवानों के साथ दिख रहा है. दोनों उग्रवादी हथियारों से लैस हैं. जो दिखने में पुलिस के ही हथियार लगते हैं. तस्वीर जंगल की है और देखने से लगता है कि किसी अभियान के दौरान की है. पप्पू लोहरा पर सरकार ने 10 लाख रुपया और सुशील उरांव पर 05 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है. इस तरह सरकार ने जिन उग्रवादियों को पकड़ने के लिए इनाम देने की घोषणा कर रखी है, वही दोनों उग्रवादी उनके साथ घूम रहे हैं. पुलिस व कोबरा बटालियन के जिन अफसरों पर उन उग्रवादियों को पकड़ने की जिम्मेदारी है, वही उन्हें साथ घुमा रहे हैं.

कोबरा बटालियन के साथ घूमता है 10 लाख का वांटेड उग्रवादी पप्पू लोहरा व 5 लाख का इनामी सुशील उरांव

कोबरा बटालियन के साथ घूमता है 10 लाख का वांटेड उग्रवादी पप्पू लोहरा व 5 लाख का इनामी सुशील उरांव
झारखंड पुलिस की साइट पर वांटेड नक्सलियों – उग्रवादियों की जारी लिस्ट

जेजेएमपी के गोपाल सिंह ने कहा था : पप्पू लोहरा ने दिया था बकोरिया कांड को अंजाम

02 जनवरी 2018 को न्यूज विंग ने जेजेएमपी के उग्रवादी गोपाल सिंह के एक वीडियो की खबर चलायी थी. वीडियो उग्रवादी संगठन टीपीसी के जन अदालत की है. जेजेएमपी के उग्रवादी गोपाल सिंह को पकड़कर टीपीसी के उग्रवादियों ने जन अदालत लगायी थी. जन अदालत में गोपाल सिंह ने बकोरिया कांड की पूरी कहानी को स्वीकार किया था. उसने कबूल किया था कि नक्सली अनुराग और 11 निर्दोष लोगों की हत्या जेजेएमपी के उग्रवादी पप्पु लोहरा ने की. बाद में पुलिस पहुंची और मुठभेड़ की जिम्मेदारी ले ली. टीपीसी उग्रवादियों की जन अदालत से छूटने के बाद लातेहार पुलिस ने गोपाल सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. लेकिन सीआईडी ने बकोरिया कांड की जांच में पुलिस के साथ मुठभेड़ में नक्सली अनुराग समेत 12 लोगों के मारे जाने की घटना को सही करार दिया है. हाईकोर्ट के आदेश पर अब इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है. सीआईडी ने गोपाल सिंह के कबूलनामे की जांच नहीं की.

झारखंड पुलिस की साइट पर वांटेड नक्सलियों - उग्रवादियों की जारी लिस्ट

क्या कहा था गोपाल सिंह ने 

वीडियो में बंधक बने जेजेएमपी के उग्रवादी गोपाल सिंह कह रहा है कि नक्सली अनुराग जेजेएमपी के पप्पू लोहरा को टीपीसी का सरदार जी समझ कर बात कर रहे थे. वह समझ रहे थे कि वह सरदार जी से बात कर रहे हैं, लेकिन बात पप्पू लोहरा से हो रही थी. नक्सली अनुराग टीपीसी संगठन में आने की तैयारी में थे. कोई पुलिस विभाग का है. भैया, भैया बोलता है उसको. नाम नहीं जानते हैं. वह भी था पप्पू लोहरा के साथ. माओवादी डॉक्टर का टीम आया तो, वहां पर मेरा संगठन जेजेएमपी का लोग पहुंचा. डॉक्टर अनुराग ने बोला कि सरदार जी किधर हैं. तब उनसे कहा कि घर में हैं. तब घर में ले गए. वहां पर अनुराग के टीम को पकड़ लिया गया. अनुराग ने जेजेएमपी के लोगों को पहचान लिया. तब कहा कि भैया नहीं मारियेगा. नहीं मारेंगे. पर सबके हथियार लेकर सबको मार दिया. मारने के बाद कुछ पैसा था, जो भी 12-14 लाख रुपया कोई साथी लेकर हट गया. बाद में पता चला कि पप्पू लोहरा को पैसा मिला. वहां से सभी को मारकर जब हटा, तब प्रशासन जुटा. प्रशासन ने केस लिया कि हम लोग इनकाउंटर किए.

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