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धरी की धरी हैं पुरानी योजनाएं, अब बड़ा तालाब बनेगा मरीन ड्राइव

बड़ा तालाब में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा लगाने का काम भी धीमा, बड़ा तालाब में पानी का कोई आंतरिक स्त्रोत नहीं अपर बाजार और किशोरगंज इलाके का नाली का पानी ही आता है

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Deepak

Ranchi: नगर विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह रांची को न्यूयार्क और मुंबई की तरह विकसित करना चाहते हैं. अब उन्होंने कहा है कि राजधानी के बड़ा तालाब को मुंबई के मरीन ड्राइव की तरह विकसित किया जाये. यहां पर पहले से विवेकानंद स्मृति पार्क बनाने की योजना अधर में लटकी हुई है. अब इसे मरीन ड्राइव का शक्ल दिया जायेगा. उनकी ताबड़तोड़ घोषणाओं और जुमलेबाजी से झारखंड शहरी आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (जुडको) के अधिकारी भी परेशानी में हैं.

सिर्फ राजधानी की ही बात करें, तो यहां जुपमी भवन, अर्बन सिविक टावर का निर्माण, कनवेंशन सेंटर, नगर निगम का नया भवन, रवींद्र भवन, मोरहाबादी पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण योजना (टाइम्स स्कवॉयर) और कांटाटोली फ्लाईओवर का निर्माण, बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान सरीखी योजनाएं चल रही हैं. यह सभी योजनाएं पुरानी हैं. इनमें से कई योजनाएं अधर में पड़ी हुई हैं. अब एक नयी स्कीम आ गयी बड़ा तालाब को मेरीन ड्राइव में बदलने की. इससे अफसरों के सिर पर बल पड़ गये हैं.

क्या-क्या हो रहा है बड़ा तालाब के जीर्णोद्धार में

यहां यह बताते चलें कि बड़ा तालाब में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति स्थापित करने में अब मुंबई की कंपनी शापुरजी पालोनजी की मदद ली जायेगी. तालाब के बीचों-बीच स्वामी जी की प्रतिमा लगाने की योजना है. इसके लिए एक रास्ता भी बनाया जा रहा है. रास्ते का रैंप और पिलर स्थापित कर लिया गया है. पूरे बड़ा तालाब परिसर के किनारेवाले हिस्से की बाउंड्री बनायी जा रही है और कई जगहों पर रेस्ट भी बनाये जा रहे हैं. यानी दो वर्ग किलोमीटर से अधिक के इस तालाब का सरकार कायाकल्प कर देगी.

लेकिन इस तालाब के चारों ओर के हिस्से को कैसे मरीन ड्राइव में तब्दील किया जायेगा, यह भविष्य में ही पता चल पायेगा. बड़ा तालाब परिसर के एक हिस्से में सेवा सदन अस्पताल है. अस्पताल के पास एक नगर निगम का पार्क भी है, जहां दुर्गा पूजा होती है. इसके अलावा एक बड़े हिस्से में कई भवन भी बने हुए हैं. तालाब का कोई नैसर्गिक जल स्त्रोत नहीं है. यहां पर अपर बाजार और किशोरगंज इलाके के नाली का पानी सीधे तौर पर आता है. पूर्व में तत्कालीन मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती के कार्यकाल में नौकायान शुरू की गयी थी. इसमें रांची के ही दो लोगों के डूबकर मरने से योजना खटाई में पड़ गयी.

मोरहाबादी के टाइम्स स्कवॉयर का निर्माण भी लटका

मुख्यमंत्री रघुवर दास के न्यूयार्क दौरे के बाद उन्होंने मोरहाबादी मैदान को टाइम्स स्कवॉयर की तरह तब्दील करने का निर्देश दिया. यहां पर 14 बड़े स्क्रीन लगाने का निर्देश दिया गया. नगर विकास विभाग की तरफ से यहां पर स्क्रीन लगवा दिये गये. बाद में पता चला कि फूटपाथ और कैफेटेरिया और अन्य शॉपिंग एरीना के लिए जगह नहीं बच रही है. इसके अलावा कई पेड़ भी टाइम्स स्कवॉयर की परिधि में आ गये. सरकार ने योजना ही बदल दी. अब तक पहले चरण का काम नहीं हो पाया है.

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अर्बन सिविक टावर में एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने की आपत्ति

विभाग के अर्बन सिविक टावर के निर्माण में एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने आपत्ति कर दी है. 20 फरवरी तक जी प्लस 15 स्तर का भवन बनाया जाना है. इसके लिए 12 हजार क्यूबिक मीटर से अधिक की खुदाई कर ली गयी है. अब ऑब्जेक्शन के बाद तीन फ्लोर कम करने की बातें कही जा रही हैं. संवेदक कंपनी ने अग्रिम की मांग सरकार से कर दी है.

कन्वेंशन सेंटर का काम भी लटका, रविंद्र भवन का काम धीमा

राजधानी के स्मार्ट सिटी परिसर में बन रहे कन्वेंशन सेंटर का काम फिलहाल लटक गया है. एलएनटी का कहना है कि फाउंडेशन के लिए की जा रही खुदाई में पत्थर निकलने से काम में कठिनाईयां हो रही हैं. ऐसे में फरवरी 2020 में इसका निर्माण होना मुश्किल है. 140 करोड़ की लागत से बन रहे रविंद्र भवन में अब तक सिर्फ दो बेसमेंट बनाये गये हैं. फरवरी 2019 में इसे पूरा करना है. कोषागार ने कांट्रैक्टर कंपनी के भुगतान पर ही आपत्ति कर दी है.

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