रांचीः विज्ञान प्रावैधिकी पर्षद की ओर से 10 करोड़ की लागत से राजधानी में आधुनिकतम तारामंडल बनाया जायेगा. उप मुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री सुदेश कुमार महतो ने तारामंडल के निर्माण के लिए 15 दिनों के अंदर विस्तृत प्रगति प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया है.
उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में सरकार तारामंडल निर्माण का काम पूरा कर लेगी. तत्कालीन विभागीय मंत्री समरेश सिंह के कार्यकाल में तारामंडल के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था. इसके लिए नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस एंड म्यूजियम कोलकाता का चयन किया गया था. योजना का क्रियान्वयन नहीं होने पर यह राशि सरकार ने सरेंडर कर दी थी. अब सरकार ने नये सिरे से विज्ञान केंद्र परिसर में ही तारामंडल बनाने का निर्णय लिया है.
डिजिटल तकनीक पर आधारित तारामंडल के लिए सरकार डीपीआर तैयार होने के बाद निविदा आमंत्रित करेगी. 120 लोगों के बैठने की कैपीसिटीवाले तारामंडल के लिए 10.13 एकड़ जमीन भी चिह्न्ति की गयी है. तारामंडल में पटना मॉडल की जगह नयी तकनीक (जापान, जेनेवा और न्यूयार्क मॉडल) स्थापित की जायेगी.
विज्ञान केंद्र को पीपीपी मोड पर चलाने की तैयारी : राजधानी में बनाये गये विज्ञान केंद्र को अब निजी भागीदारी से संचालित किया जायेगा. विज्ञान प्रावैधिकी पर्षद की बैठक में यह निर्णय लिया गया. पर्षद ने पीपीपी पर विज्ञान केंद्र को चलाने का निर्णय लिया है.
इस संबंध में जल्द निविदा आमंत्रित की जायेगी. साथ ही केंद्र परिसर में पार्किग की भी विशेष सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी.




