DhanbadJharkhand

डीसी रेल लाइन में नहीं लगी है आग, बीसीसीएल का मकसद कोयला निकालना

Dhanabad :  डीसी रेलखंड बंदी प्रकरण को लेकर बीसीसीएल बेईमान दिख रहा है. रेलबंदी के खिलाफ आंदोलनरत आंदोलनकारियों का ऐसा मानना है. बुधवार को पूर्व राज्य मंत्री सह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ओपी लाल, पूर्व वियाडा अध्यक्ष विजय लाल, जेएमएम नेता राजेंद्र प्रसाद राजा, रेल दो या जेल दो के नेतृत्वकर्ता डॉ विनोद गोश्वामी सहित कई नेतागण उपस्थित रहे. मुख्य रूप से यह  रेलखंड निरीक्षण पर फैसला लेने के लिए 23 अगस्त को हाई पावर कमिटी के धनबाद आगमन पर बीसीसीएल की मंशा से जुड़े कमिटी को संदेश देने को लेकर आयोजित किया गया है.

इसे भी पढ़ेंः लेटर नहीं लिखती तो मैं सुसाइड कर लेतीः डिप्टी कलेक्टर दीपमाला

433 दिनों ने बाद भी बीसीसीएल ने आग बुझाने का प्रयास नहीं किया

बीसीसीएल की मंशा को संदेह के घेरे में बताते हुए कई तथ्यों को भी विस्तार से रखा. आंदोलनकारियों का कहना है कि रेल ट्रैक के नीचे अगर आग होती तो रेलबंदी के 433 दिनों ने बाद भी अबतक बीसीसीएल द्वारा आग बुझाने का प्रयास नहीं किया गया, क्योंकि यह आग बीसीसीएल ने लगाई है. साथ ही यह भी कहा कि रेलखंड के बांसजोड़ा में रियल टाइम मॉनिटरिंग मशीन जो 2011 में बीसीसीएल द्वारा लगायी गयी थी, जो 22 दिसंबर 2017 को मध्य रात्रि से ही उपकरण के कई हिस्से चोरी हो जाने के कारण बंद हो गयी. इस उपकरण का मॉनिटरिंग बांसजोड़ा स्टेशन और नजदीकी बीसीसीएल महाप्रबंधक कार्यालय से होता था और  रेल ट्रैक का तापमान और ट्रैक के स्थिति में बलदाल को प्रदर्शित करना था जो भूमिगत आग के प्रभाव से हो सकता था.

इसे भी पढ़ेंः धनबादः JVM नेता व कोल ट्रांसपोर्ट कंपनी इंचार्ज रंजीत सिंह की हत्या और SSP का हास्यास्पद बयान

जनहित का ख्याल रखते हुए डीसी रेलखंड पर फैसला लें

लेकिन एक तो मशीन चोरी होने के बाद  प्राथमिकी दर्ज कराने में लगभग 15 दिनों की देरी करना और मात्र 14 हजार के खर्च के कारण अबतक मशीन का नहीं चालू होना इस बात को दर्शाता है कि बीसीसीएल इससे आश्वस्त है कि पटरी के नीचे आग नहीं है। लेकिन इनकी मंशा है पटरी के नीचे कोयले को निकलना. वहींं इस मनमाने फैसले से कोयले की रेल द्वारा ढुलाई पूरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका पूरा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ रहा है. इसलिए आंदोलनकारियों ने हाई पावर कमेटी से यह मांग की है कि बीसीसीएल की मंशा को भांपते हुए और जनहित का ख्याल रखते हुए डीसी रेलखंड पर फैसला लें.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Related Articles

Back to top button