
Ranchi: भय व दहशत के करीब 36 घंटे बाद राजधानी रांची में जिंदगी पटरी पर लौट गई है. रविवार तड़के करीब चार इंटरनेट सेवा चालू कर दी गई है. सुबह से लोग रोजमर्रा के कामकाज के लिए सड़कों पर उतरे. सड़क के किनारे सब्जी व मछली की दुकानें सुबह से ही सजने लगी है. इधर, प्रशासन भी सजग है. सड़क के चौक चौराहे पर पुलिस जवानों की लगातार तैनाती है. खासकर संवेदशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है. पुलिस व प्रशासन के कदमों को स्थानीय लोगों की भी मदद मिल रही है. हालांकि, शहर में अभी भी निषेधाज्ञा लागू है.
आज गिरजाघरों में नहीं होगी प्रार्थना सभा
मौजूदा स्थिति को देखते हुए एहतियातन चर्च कमेटी रविवारीय प्रार्थना गिरजाघरों में नहीं करने का निर्णय लिया है. श्रद्धालु घऱ से ही रविवारीय आराधना करेंगे. स्थानीय प्रबुद्ध लोग भी हर हाल में शांति बहाल करने के लिए प्रयासरत हैं. मालूम हो कि शुक्रवार को भाजपा नूपुर शर्मा के विवादित बयान के खिलाफ मुस्लिम समाज की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था. प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पत्थऱबाजी कर दी थी. जिसके बाद स्थिति असामान्य हो गई थी. पुलिस को फायरिंग करनी पड़ गई थी. दोनों ओर से गोलियां चली थी. इस गोलीबारी में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है और एक दर्जन से अधिक घायल हुए हैं. इस घटना के बाद से शहर में तनाव था. बाजार बंद थे. आवाजाही पर पुलिस का पहरा था. शनिवार को शहर में सन्नाटा पसरा रहा. मगर अब रविवार की सुबह से हालात सामान्य हो रहा है.
सीएम हेमंत ने जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की
इधर, पुलिस ने अपद्रवियों के खिलाफ नौ प्राथमिकी दर्ज की है. जिसमें 20 नामजद समेत 10 हजार से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उपद्रव की घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है. कमेटी में आपदा प्रबंधन सचिव अमिताभ कौशल व एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर को रखा गया है. कमेटी को सप्ताह के दौरान रिपोर्ट देनी है. इस मामले की वजह से 500 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है. ऐसा अनुमान के आधार पर कहा जा रहा है. इंटरनेट बंद होने के कारोबार पर व्यापक असर पड़ा है.




