
Ranchi: साहिबगंज के बरहरवा टोल प्लाजा टेंडर मामले में ईडी द्वारा डीएसपी प्रमोद मिश्रा एवं अनुसंधानकर्ता सरफुद्दीन खान को समन जारी करने के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट दाखिल की गई है. सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के आलोक में ईडी के अधिकार को डीएसपी प्रमोद मिश्रा और एएसआई सरफुद्दीन खान ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है. दायर क्रिमिनल रिट में कहा गया है कि ईडी को राज्य सरकार के किसी अधिकारी या कर्मी को समन करने का अधिकार नहीं है. राज्य में लॉ एंडआर्डर का मामला राज्य सरकार से जुड़ा है. बरहरवा थाना कांड संख्या 85 / 2020 में आईपीसी की धारा के तहत मामला दर्ज हुआ है. लेकिन इसमें ईडी जबरदस्ती इंटरफेयर कर रही है. ईडी का राज्य पुलिस के कार्य में हस्तक्षेप करना विधि सम्मत नहीं है, इसलिए इन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ ईडी द्वारा जारी समन को निरस्त किया जाए.
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दरअसल, पुलिस अधिकारियों से पूछताछ पर सवाल उठाते हुए ईडी के अधिकार को चुनौती देने वाली झारखंड सरकार की रिट याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की इस याचिका को इंटरटेन नहीं किया था, कहा था कि जब हाईकोर्ट को पावर है तो राज्य सरकार को सीधा हाई कोर्ट जाना चाहिए था. कोर्ट ने सरकार को छूट दी थी कि वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सकता है. इसके बाद गुरुवार को राज्य सरकार की ओर से ईडी के अधिकार को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है.
बता दें कि साहिबगंज के बरहरवा थाने में टोल प्लाजा टेंडर विवाद में शंभू नंदन कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसमें पंकज मिश्रा और सरकार के मंत्री आलमगीर आलम पर उसने टेंडर में भाग नहीं लेने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था. इस मामले में ईडी ने पुलिस और सरकार के आला अधिकारियों से पूछताछ करने के लिए समन किया है। जिसके बाद राज्य सरकार ने ईडी के अधिकार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मामले को लेकर बरहरवा साहिबगंज थाना कांड संख्या 85/2020 दर्ज कराई गई थी.निचली अदालत ने भी मामले में ट्रायल पर रोक लगाई है.




