
Srinagar : जम्मू-कश्मीर में राजनीति ने करवट बदल ली है. आज बुधवार को राज्यपाल एनएन वोहरा ने राज्य की कमाल संभाल ली. बता दें कि डीजीपी एसपी वैद ने इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब वे तनाव मुक्त होकर काम कर सकते हैं. कहा कि आने वाले दिनों में आतंकियों के खिलाफ होने वाले ऑपरेशन में तेजी लायी जायेगी. गवर्नर रूल में पुलिस के लिए काम करना आसान होगा. वैद ने ऑपरेशन जारी रखने की बात कही. बताया कि रमजान के दौरान ऑपरेशंस पर रोक लगाई गयी थी. अब ऑपरेशन को और तेज किया जायेगा. वैद ने कहा कि रमजान सीजफायर की वजह से आतंकियों को फायदा पहुंचा है. उन्होंने बताया कि रमजान सीजफायर के दौरान कैंप पर होने वाले हमलों का जवाब देने की इजाजत थी, लेकिन हमारे पास कोई जानकारी है, तो उस आधार पर ऑपरेशन लॉन्च नहीं किया जा सकता था. ऐसे में सीजफायर से कई मायनों में आतंकियों को काफी मदद मिली.
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छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) बीवीआर सुब्रमण्यम का बुधवार को जम्मू-कश्मीर भेजा गया
जानकारी दी गयी है कि छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) बीवीआर सुब्रमण्यम का बुधवार को जम्मू-कश्मीर भेजा गया है. जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद ऐसा किया गया है. मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने मंगलवार शाम को सुब्रमण्यम के तबादले को मंजूरी दे दी. सुब्रमण्यम 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वह 2002 से 2007 तक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निजी सचिव रह चुके हैं. वह राज्यपाल एनएन वोहरा के सलाहकार के रूप में काम करेंगे या राज्य के मुख्य सचिव के रूप में काम करेंगे, अभी यह स्पष्ट नहीं है.
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कुछ नेताओं द्वारा पत्थरबाजों, अलगाववादियों और कट्टरपंथियों को समर्थन मिलता रहा है
जम्मू-कश्मीर के एक अधिकारी के अनुसार कुछ नेताओं की तरफ से पत्थरबाजों, अलगाववादियों और कट्टरपंथियों को समर्थन मिलता रहा है. कहा कि अब राजनीतिक दबाव नहीं रहेगा, तेा सुरक्षा बल ज्यादा अक्रामकता से काम करेंगे. कहा जा रहा है कि अति संवेदनशील जगहों पर समर्थ‘ ब्यूरोक्रेट्स और सुप्रींटेंडेंट्स ऑफ पुलिस की तैनाती की जायेगी, ताकि वे बगैर दबाव में आये आतंक विरोधी गतिविधियों का नेतृत्व कर सकें. ऐसे काबिल ऑफिसर हैं, जिऩ्हें साइड लाइन कर दिया गया था. बता दें कि आतंकी बुराहन वानी की मौत के बाद घाटी में स्थिति और खराब हो गयी थी.
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