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गुजरात: ट्रैफ़िक नियम तोड़ने पर नहीं भरना पड़ेगा चालान, सरकार पर उठे सवाल

Ahmadabad: गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने शुक्रवार को घोषणा की है कि एक हफ़्ते तक ट्रैफ़िक नियमों का उल्लंघन करने पर कोई जुर्माना नहीं भरना पड़ेगा. इस फ़ैसले की सोशल मीडिया पर काफ़ी निंदा हो रही है. सूरत में एक कार्यक्रम में हर्ष संघवी ने कहा कि दिवाली के त्योहार को देखते हुए यह फ़ैसला लिया गया है कि 21 से 27 अक्टूबर तक ट्रैफ़िक नियमों के उल्लंघन पर ट्रैफ़िक पुलिस कोई चालान नहीं काटेगी. उन्होंने कहा, “21 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक गुजरात ट्रैफ़िक पुलिस किसी भी नागरिक से जुर्माना नहीं वसूलेगी. इस दौरान अगर कोई व्यक्ति बिना हेलमेट या लाइसेंस के पाया जाता है या फिर दूसरा कोई ट्रैफ़िक नियम तोड़ता है तो पुलिस उसे सिर्फ सलाह दे सकती है, कोई जुर्माना नहीं वसूलेगी.’’ हालांकि गुजरात सरकार के मंत्री ने यह भी कहा कि , ‘‘इसका मतलब ये नहीं है कि आप ट्रैफ़िक नियमों का पालन न करें, लेकिन अगर आप से ग़लती हो जाती है तो आपको जुर्माना नहीं भरना पड़ेगा.’’


हर्ष संघवी ने इस बारे में एक ट्वीट भी किया. उन्होंने लिखा, “दिवाली भारतीय संस्कृति में रोशनी का सबसे बड़ा त्योहार है. यह त्योहार रंगोली के रंगों, बहुत सारी मिठाइयों, दीपों और पटाखों के उत्साह के साथ आता है. इस पर्व के अवसर पर गुजरात सरकार के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सार्वजनिक हित में एक और निर्णय लिया है.’’
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सोशल मीडिया पर सरकार की हो रही आलोचना

इस घोषणा को लेकर सोशल मीडिया पर जहां आम लोग सरकार की आलोचना कर रहे हैं वहीं राजनीतिक दलों ने इसे बीजेपी का चुनावी पैंतरा बताया है. गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने एक ट्वीट में कहा, ‘’चुनाव आप से बहुत कुछ करवा सकता है.’’ राष्ट्रीय लोकदल (आएलडी) के नेता जयंत सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि गुजरात की बीजेपी सरकार वोटों के लिए लोगों की ज़िंदगी ख़तरे में डाल रही है. उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या इसीलिए चुनाव आयोग ने राज्य में चुनाव की तारीखों के एलान में देरी की है ताकि वोटरों को इस तरह की ‘वाहियात रेवड़ी’ से लुभाया जा सके.

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