
Deoghar: त्रिकुट पर्वत रोपवे हादसे में एयरलिफ्ट के दौरान मृत रोजगार सेवक राकेश कुमार (38) के शव रखकर त्रिकुट मोड़ के पास बसडीहा गांव के समीप देवघर-दुमका रोड़ को 11 बजे से आक्रोशित ग्रामीणों जाम कर दिया है. मृतक दुमका जिले के सरैयाहाट का रहने वाला था. रामनवमी के मौके पर अपनी नानी के घर बसडीहा आया हुआ था. इसी दौरान वह रोपवे पर गया था.
मृतक दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड में रोजगार सेवक का काम करता था. आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि एयरलिफ्ट करने में चूक की गई है. सरकार उसकी पत्नी व दो पुत्रों के परवरिश की गांरटी ले. पत्नी को मुआवजा व नौकरी दे, तभी जाम हटेगा. मोहनपुर सीओ पुलिस निरीक्षक सत्येंद्र प्रसाद के बार-बार समझाने के बाद भी ग्रामीण मानने को तैयार नहीं है. सभी घटनास्थल पर सांसद निशिकांत दुबे व सूबे के पर्यटन मंत्री हाफिजुल अंसारी को बुलाने की मांग कर रहे हैं.
इसे भी पढ़ें: Jamshedpur News:वन विभाग के कार्यालय के समक्ष आउटसोर्स कर्मचारियों का धरना, दी ये चेतावनी
मनरेगा संघ ने भी की मुआवजे की मांग
झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ ने भी मृतक राकेश कुमार के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील पांडेय, उपाध्यक्ष महेश सोरेन ने त्रिकुट रोपवे हादसे के शिकार मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने की मांग की है. इस संबंध में विभागीय मंत्री हफीजुल हसन, विभागीय सचिव और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा है. कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. भविष्य में ऐसी अप्रिय घटना नहीं घटे, इसके लिए विशेष सावधानी की जरूरत है.
पत्र में कहा है कि 11 अप्रैल को त्रिकुट रोपवे हादसे में शिकारीपाड़ा के राकेश कुमार की दर्दनाक मौत हो गयी है. रोजगार सेवक के असामायिक निधन से उसके परिजनों को भारी क्षति हुई है. इनके आश्रितों माता, पिता, पत्नी के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन आदि की व्यवस्था हो. बच्चों के निर्बाध शिक्षा के लिए उचित पालन पोषण की व्यवस्था की जाये. अनुरोध है कि राकेश मंडल के आश्रितों को राहत पहुंचाने के लिए 10 लाख का मुआवजा, विधवा पत्नी को अनुकंपा की नौकरी, बच्चों की निर्बाध शिक्षा व्यवस्था सहित सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था की जाए.
इसे भी पढ़ें:पटना: मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर ठगी, छात्रों को लगाया 35 करोड़ का चूना




