
Mumbai : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने की रेपो रेट में कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला किया है. आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिनी बैठक शुक्रवार को खत्म हुई . बैठक के बाद के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बैठक में लिये गये अहम फैसलों के बारे में जानकारी दी.
शक्तिकांत दास ने बताया कि मौद्रिक नीति समिति ने एकमत से पॉलिसी रेपो रेट को बिना किसी फेरबदल के 4% रखने के लिए वोट किया है. उन्होंने कहा कि MSF रेट और बैंक रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4.25% है और रिवर्स रेपो रेट बिना किसी बदलाव के साथ 3.35% है.
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रेपो रेट में 4 फीसद पर बना रहेगा
गवर्नर शक्तिकांत दास प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि समय रेपो रेट 4 फीसद पर बना हुआ है. इससे आने वाले समय में रेपो रेट में कमी की गुंजाइश बनी हुई है. उन्होंने कहा कि हम वित्तीय क्षेत्र की स्थिरता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसे करने के लिए जो भी जरूरी होगा हम करेंगे.
मालूम हो कि केंद्रीय बैंक इस साल फरवरी से नीतिगत दर या रेपो दर में 1.15 फीसदी की कटौती कर चुका है. शक्तिकांत दास की अगुवाई वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक दो दिसंबर को शुरू हुई थी.
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क्या होता है रेपो रेट ?
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई छोटी समय सीमा के लिए बैंकों को कर्ज देता है. जब बैंक को रिजर्व बैंक से कम ब्याज दर पर लोन मिलेगा तो उनके फंड जुटाने की लागत कम होगी. इस वजह से वे अपने ग्राहकों को सस्ता कर्ज दे सकते हैं. इसका सीधा सा मतलब है कि रेपो रेट कम होने पर आपके कोई भी लोन जैसे – कार, होम या फिर पर्सनल लोन हो उसपर ब्याज की दरें कम हो जाती हैं.
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