
Luclnow : भाजपा का राष्ट्रवाद चुनावी दांव है. इसी तरह सपा-बसपा का गठबन्धन चुनावी दांव है और कांग्रेस भी प्रियंका गांधी वाड्रा को राजनीति में लाकर चुनावी दांव लगा रही है. किसका दांव सटीक बैठता है, इसका आगामी 23 मई को पता चले जायेगा. उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने यह बात कही. बता दें कि राजभर बुधवार को बलरामपुर में एक निजी कार्यक्रम में बोल रहे थे. इस क्रम में राजभर ने कहा कि गरीबों को राष्ट्रवाद समझ नहीं आता है. जिस गरीब के पास दो वक्त की रोटी नहीं है, वो राष्ट्रवाद क्या जाने. जब पेट भरा होता है, तभी राष्ट्रवाद दिखाई देता है.
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कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मुकाबला करने की स्थिति में नहीं
राजभर ने संवाददाताओं से कहा, प्रियंका गांधी वाड्रा के आने से कांग्रेस और उनके वोटर में जोश बढ़ा है, लेकिन कांग्रेस उत्तर प्रदेश में मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है. उन्होंने सवालों के जवाब में कहा कि देश और प्रदेश में 38 प्रतिशत वोट अति पिछड़ों का है, यह वोट जिसके साथ जाता है, उसकी सरकार बनती है और जिनके पास से अति पिछड़ों का यह वोट खिसक जाता है, वो सत्ता से बाहर हो जाते हैं. राजभर ने कहा, सपा-बसपा और कांग्रेस सहित दूसरी पार्टियां उन्हें अपने साथ बुला रही हैं, लेकिन मंगलवार को उत्तर प्रदेश के भाजपा प्रभारी से उनकी मुलाकात हो चुकी है. कहा कि दो-तीन दिन के भीतर लोकसभा टिकटों का बंटवारा हो जायेगा.
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