
NewDelhi: स्विट्जरलैंड की स्विस एविएशन कंसल्टिंग (SAC) ने एयर इंडिया को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. एयर इंडिया के लिए बिड देने में SAC दिलचस्पी दिखा रही है. गौरतलब है कि सरकार इस साल के अंत तक एयर इंडिया को बेचना चाहती है. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एयर इंडिया में दिलचस्पी दिखाने वाला यह पहला इंटरनैशल एविएशन ग्रुप है. लेकिन इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि यह कदम ‘गंभीर‘ नहीं लगता और ऐसा हो सकता है कि स्विट्जरलैंड की कंपनी केवल अपने क्लाइंट्स के लिए संभावनाएं तलाश रही है.
अधिकारी ने बताया कि SAC ने हाल ही में एयर इंडिया के लिए बिड देने में दिलचस्पी दिखाई थी. लेकिन इस बारे में SAC को भेजी गई ईमेल का कोई जवाब नहीं आया. बता दें कि स्विस एविएशन कंसल्टिंग एख यूरोपीय एडवाजरी ग्रुप है, जिसकी शुरुआत 2005 में हुई थी. और यह सभी तरह की एविएशन सर्विसेज देती है. इसके क्लाइंट्स में विमानों के निजी मालिक और फाइनैंशल इंस्टीट्यूशंस शामिल हैं. एयर इंडिया के लिए कुछ अन्य विदेशी कंपनियों भी बोली लगा सकती हैं. इनमें सिंगापुर एयरलाइंस और टाटा ग्रुप और एयर फ्रांस KLM की जेट एयरवेज के साथ मिलकर बिड शामिल हो सकती है.
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गौरतलब है कि सरकार ने कर्ज के बोझ से दबी एयर इंडिया में 76 पर्सेंट हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है. इसके लिए मार्च के अंत में एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) डॉक्युमेंट जारी किया गया था. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने एयर इंडिया की विनिवेश और हिस्सेदारी की बिक्री के व्यापक रूपों को साझा करते हुए विनिवेशकों को इसकी पेशकश की थी. सरकार ने एयर इंडिया के 76 फीसदी शेयर, प्रबंधन और एआईएसएटीएस में 50% हिस्सेदारी के साथ सिंगापुर एयरपोर्ट टर्मिनल सर्विसेज के संयुक्त उपक्रम की पेशकश की थी. हालांकि, एविएशन आधिकारिक ने यह नहीं बताया कि स्विस फर्म ने एयर इंडिया में हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा के बारे में मंत्रालय को औपचारिक रूप से लिखा था या नहीं. वही एविएशन कंसल्टेंट ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि SAC किसी अन्य कंपनी के मुखौटे की तरह काम कर रही है. इसकी बिड गंभीर नहीं दिखती. उनका कहना था, ‘यह पता लगाना मुश्किल है कि क्या SAC ने किसी अन्य कंपनी की ओर से दिलचस्पी दिखाई है.‘ उन्होंने कहा कि सरकार को इतनी बड़ी डील में एक कंपनी को किसी क्लाइंट की दिलचस्पी जाहिर करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए.
क्या है SAC
SAC के लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, यह एक निजी मालिकाना हक वाली कंपनी है और इसमें किसी फाइनैंशल इंस्टीट्यूशन, मैन्युफैक्चरर, ऑपरेटर, इंश्योरेंस कंपनी या मेंटेनेंस प्रोवाइडर की हिस्सेदारी नहीं है. इससे कंपनी के क्लाइंट्स को बिना किसी भेदभाव और पक्षपात के सर्विस मिलने का आश्वासन रहता है. SAC के पास एविएशन इंडस्ट्री में खास समझ रखने वाले कंसल्टेंट्स, लॉयर्स, ऑडिटर और इंजीनियर मौजूद हैं.
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