
Raebareli : बीजेपी ने यूं तो देश के कई राज्यों में कांग्रेस को कमजोर किया है, लेकिन अमेठी, रायबरेली ऐसा गढ़ है, जहां कोई कांग्रेस को शिकस्त नहीं दे सका है. फिलहाल बीजेपी और कांग्रेस के बीच कर्नाटक का रण होना है. मगर अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधने के लिए सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली की जमीन का इस्तेमाल किया, जहां उन्होंने कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने कहा कि इस जिले ने केवल परिवारवाद देखा है, लेकिन विकास कभी नहीं देखा. वहीं उन्होंने कहा कि मक्का मस्जिद मामले में कांग्रेस के मनसूबों पर पानी फिर गया है और अब उसे माफी मांगनी चाहिए क्योंकि कांग्रेस ने हिंदू आतंकवाद शब्द का प्रयोग कर हिंदू संस्कृति को बदनाम किया है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बातों ही बातों में सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी रायबरेली को परिवारवाद से मुक्त कराएगी. इस अभियान की शुरुआत अभी से होने जा रही है.
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कांग्रेस,सपा,बसपा के राज में यूपी पिछड़ा : शाह
अमित शाह ने अपने भाषण के दौरान कांग्रेस के साथ साथ सपा और बसपा को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि यूपी में कांग्रेस का कई दशकों तक शासन रहा और फिर सपा और बसपा ने भी बारी बारी से राज किया, लेकिन देश के अग्रणी राज्यों में शुमार यह प्रदेश लगातार पिछड़ता गया. इसके बाद शाह ने पुरानी बातों के सहारे मोदी सरकार की उपलब्धियों का पिटारा खोला. उन्होंने कहा, ‘रायबरेली समेत यूपी के तमाम गांव ऐसे थे, जो अंधेरे में जीते थे, लेकिन 2014 में पीएम मोदी ने सरकार आने के बाद सबको बिजली देने का काम शुरू किया. जिसके बाद यूपी की महान जनता ने बीजेपी को 2017 में जिम्मेदारी के साथ सेवा का मौका दिया. वहीं, उन्होंने कहा कि पहले यूपी की पहचान गुंडाराज से थी, जिसे योगीजी की सरकार ने कानून के शासन वाले प्रदेश के रूप में बदल दिया है. इस दौरान उन्होंने यूपी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि विगत 15 वर्षों से यूपी के किसान अपना गेहूं,धान और गन्ना लेकर घूमते थे, लेकिन बीजेपी की सरकार आने के बाद किसानों की समस्या हल करने का प्रयास किया गया.
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कांग्रेस के MLC दिनेश सिंह ने थामा कमल
अमित शाह की रैली से पहले कांग्रेस के एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने अपने परिवार समेत बीजेपी का दामन थाम लिया. इस परिवार को गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता रहा है, लेकिन जिले के पूर्व विधायक अखिलेश सिंह के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से यह परिवार नाराज चल रहा था. दिनेश सिंह का घर ‘पंचवटी‘ जिले में कांग्रेस का केंद्र कहा जाता था, लेकिन अखिलेश सिंह से उनका हमेशा 36 का आंकड़ा रहा है.
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