
बदल रही जिले की सूरत, निखार रहे नौनिहालों की तकदीर, दिखा रहे भविष्य का आइना
Pravin kumar
Ranchi : महशूर शायर गालिब के ये बोल… बीमारियों से दोस्ती अच्छी नहीं फराज..कच्चा तेरा मकान है कुछ तो ख्याल करो…. बस यही ख्याल चतरा डीसी जीतेंद्र कुमार सिंह जिले के रहबरी के लिये कर रहे हैं. उनका कंसेप्ट और सोंचने का अंदाज उन्हें औरों से अलग करता है. वे मिशन इंपोसिबल को पोसिबिल करने के काफी करीब भी आ चुके हैं. मिशन ऐसा है कि जिले की रहबरी तंदुरूस्त रहे और नौनिहाल को भविष्य का आइना दिखा सके, हो भी ऐसा ही रहा है. लोग आगे बढ़कर मिशन में डीसी के साथ कदमताल कर जिले को आगे ले जाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे.
बदल रही जिले के 1400 गांवों की तस्वीर
चतरा जिले के 1400 गांवों की सूरत और सीरत भी बदल रही है. चतरा डीसी नौनिहालों के भविष्य को लेकर एक नये कंसेप्ट पर काम कर रहे हैं. पहले चरण में उन्होंने 40 आंगनबाड़ी केंद्रों को शहरों के प्ले स्कूल की तरह डेवलप किया है. इसमें आने वाले बच्चों को यूनिफॉर्म, जूते, वाटर बोटल, खेल के सामान, स्टेशनरी सहित सभी आवश्यक चीजें उपलब्ध कराई गयी हैं. बच्चों के सीखने के लिये दीवारों पर पेंटिंग भी कराई गयी है. डीसी चतरा कहते हैं बच्चे अब आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिकाओं को ही समय पर स्कूल आने के लिये प्रेशर देते हैं. दूसरे चरण में और 450 स्कूलों को अपग्रेड किया जायेगा.
स्वास्थ्य का भी रखा जा रहा है ख्याल
चतरा डीसी के कंसेप्ट में स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी गयी है. 40 डिस्ट्रीक बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था है. इस बाइक एंबुलेंस में फर्स्ट एड के सभी समान उपलब्ध हैं. ये बाइक एंबुलेंस दूर दराज के गांवों में आसानी से उपलब्ध हो जाता है. सीरियर पेसेंट को बाइक एंबुलेंस के जरीये नजदीक के स्वास्थ्य केंद्रों में आसानी से पहुंचा दिया जाता है.
आरोग्य कूंजी भी है मददगार
जीतेंद्र सिंह ने जिले में आरोग्य कूंजी का कंसेप्ट भी उतारा है. इस कंसेप्ट को और बेहतर करने के लिये 1609 आशा रूरल वर्कर साथ दे रही हैं. मरीजों के बीच आशा और उम्मीद की किरण हर पल जगा रही हैं. जिले के छह कम्यूनिटी सेंटर, आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 93 उप स्वास्थ्य केंद्र में आशा वर्कर बखूबी अपने कर्त्तव्य का निर्वहन कर रही हैं.
मेडिकल ट्यूब के जरीये 24 जांच की सुविधा
डीसी ने मेडिल ट्यूब की पांच मशीनें जिले के लिये उपलब्ध कराई हैं. एक मशीन की कीमत 70 हजार रुपये है. इस मशीन के जरीये ब्लड सूगर, मलेरिया, यूरिन, बीपी सहित 24 तरह की जांच हो सकती है. इसके परिणाम मोबाइल पर भी देखा सकता है. यह मशीन बैटरी से संचालित होती है. डीसी ने बताया कि इस मशीन की संख्या और बढ़ाई जायेगी.
क्या कहते हैं चतरा डीसी
चतरा डीसी जीतेंद्र कुमार सिंह ने कहा किसी भी कंसेप्ट को सही तरीके से जमीं पर उतारा जाये तो लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी ही. जिले के ग्रामीणों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों एक दूसरे के पूरक हैं. इस पर खास ध्यान दिया जा रहा है. सरकार की सभी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है.




