
Deoghar: पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 28 से 29 मार्च तक प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में सोमवार को झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सदर अस्पताल देवघर परिसर में केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी की. सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर अनुबंध प्रथा बंद करने, ठेका प्रथा बंद करने, निजी करण को बंद करने तथा काले श्रम कोड को खत्म करने के लिए नारेबाजी की. नारेबाजी के बाद संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिलकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा. जिसमें संघ के राज्य उपाध्यक्ष अरुण कापरी, सचिव अरुण प्रसाद यादव, संयुक्त सचिव संजीव मिश्रा सहित अन्य कर्मी मौजूद थे.
पत्र में कहा गया है कि किसी भी देश के विकास कार्य वहां के मेहनतकश कर्मचारी और मजदूर के मेहनत से होते हैं. उसी की आधारशिला पर देश विकासशील या विकसित होता है.
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परंतु जिस देश में मजदूरों का शोषण हो और पूंजीपतियों का चौगुना विकास हो वह देश पिछड़ा और अविकसित रह जाता है. आज भारत की स्थिति पर नजर डाला जाए तो आईना की तरह साफ दिखाई देता है कि केंद्र में पूंजीपतियों की सरकार है.
यदि सरकार नहीं चेती और सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो आने वाला कल और भी कठिन संघर्षों से भरा होगा.
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संघ की मांगों में देश में अनुबंध पर कार्यरत एएनएम, जीएनएम, पारा मेडिकल कर्मियों तथा कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवा नियमित की जाए, कर्मचारियों पेंशनरों को 18 महीने के रोके गए डीए का भुगतान सूद सहित किया जाए, नई पेंशन प्रणाली को खत्म कर पुरानी पेंशन प्रणाली को बहाल किया जाए, पीएफ ब्याज दर में कटौती को वापस लिया जाए, ससमय प्रोन्नति चालू की जाए, कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू हो, केंद्रीय कर्मियों की भांति बोनस सहित अन्य भत्ता दिया जाए, कर्मचारी के विरुद्ध लाए गए 4 लेबर कोड रद्द किया जाए, अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुरूप काम का घंटा 8 घंटा निर्धारित हो, आवश्यक वस्तुओं के कीमतों में कमी हो, अनुबंध, संविदा, मानदेय, आउटसोर्सिंग, प्रोत्साहन भत्ता पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करते हुए सेवानिवृत्ति एवं पेंशन का लाभ दिया जाए, सभी रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति की जाए, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपया लागू हो, बेरोजगारों को प्रतिमाह 10 हजार बेरोजगारी भत्ता दिया जाए, आदि मांग शामिल है.
आवेदन पर राज उपाध्यक्ष अरुण कापरी, जिला अध्यक्ष मनोज कुमार मिश्रा, जिला सचिव अरुण प्रसाद यादव, संयुक्त सचिव संजीव कुमार मिश्रा, विभूति कुमार, इंदू सिन्हा, प्रेमलता हांसदा, मृत्युंजय पांडेय सहित अन्य कर्मचारियों के हस्ताक्षर हैं.
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