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जिन पर है शांति स्थापित करने की जिम्मेदारी, वही हों दागदार, तो कैसे बनी रहेगी शांति

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Ranchi : जिन पर शांति स्थापित करने की जिम्मेदारी है, अगर वही दागदार हों, तो ऐसे में कैसे शांति स्थापित होगी. ऐसा ही कुछ हाल राजधानी रांची में कई थानों द्वारा बनायी गयी शांति समिति का है. इन शांति समितियों के सदस्यों में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो खुद दागदार हैं. कई ऐसे सदस्य हैं, जिन पर जमीन कारोबार में संलिप्तता के आरोप हैं. आरोपों के मुताबिक, उनके साथ-साथ पुलिस भी जमीन कारोबार में शामिल रहती है. मिली जानकारी के अनुसार राजधानी रांची के सभी थानों में बनायी गयी शांति समितियों में दो-चार जमीन कारोबारी और दागदार व्यक्ति शामिल हैं, जो काफी लंबे समय से शांति समिति के सदस्य बने हुए हैं. शांति समिति में शामिल दागदार व्यक्ति और जमीन कारोबारी थाना से सांठ-गांठ कर जमीन का कारोबार करते आ रहे हैं.

क्यों बनायी जाती है शांति समिति

सभी थानों द्वारा अपने थाना क्षेत्र में हुए किसी भी तरह के उपद्रव, सांप्रदायिक तनाव और विवाद के दौरान शांति स्थापित करने के लिए शांति समिति का गठन किया जाता है. शांति समिति में सामाजिक अथवा धार्मिक संगठनों से सक्रिय प्रबुद्ध नागरिक, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के प्रतिनिधि और पंचायती राज व्यवस्था के स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शांति समिति में शामिल किया जाता है.

समीक्षा के बाद दागियों और जमीन माफियाओं को हटाया जायेगा :  सीआईडी एडीजी

राजधानी रांची के कई थानों में शांति समिति में कई दागदार और जमीन कारोबारी के शामिल होने की बात पर सीआईडी के एडीजी अजय कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस थानावार शांति समिति के सदस्यों की गतिविधियों की समीक्षा कर रही है. समीक्षा करने के बाद दागदार और जमीन कारोबारियों को शांति समिति से हटाया जायेगा. वहीं, डीआईजी अमोल वी होमकर ने कहा कि शांति समिति में शामिल दागदार लोगों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है. शांति समिति के सदस्यों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के बाद शांति समिति का पुनर्गठन किया जायेगा.

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