
Mumbai : असहिष्णुता, घृणा व अपराध की बढ़ती घटनाओं से राष्ट्र के आर्थिक विकास को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. गोदरेज ग्रुप के चेयरमैन और कारोबारी आदि गोदरेज ने शनिवार को यह चेतावनी दी, आदि गोदरेज के अनुसार देश में सब कुछ ठीक नहीं है. उन्होंने सामाजिक मोर्चे पर उभरी चिंताओं की ओर इशारा करते हुए आर्थिक विकास पर पड़ने वाले उनके दुष्प्रभाव को लेकर चेतावनी दी है.
गोदरेज सेंट जेवियर कॉलेज की 150 वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक सभा में बोल रहे थे. कहा कि सब कुछ ठीक ठाक है, ऐसा नहीं है. हमें बड़े पैमाने पर बढ़ती साधनहीन बनाने की प्रवृति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जो आगे चलकर हमारी विकास गति को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है तथा हमें अपनी क्षमताओं का पूरा दोहन करने से रोक सकती है.
प्रमुख उद्योगपति गोदरेजने इस बात को लेकर भी आगाह किया कि सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए देश में बढ़ती असहिष्णुता, सामाजिक अस्थिरता, घृणा-अपराध, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, नैतिक पहरेदारी, जाति और धर्म आधारित हिंसा और कई अन्य तरह की असहिष्णुता दूर नहीं किया गया तो आर्थिक विकास प्रभावित होगा.
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ऐसा भारत हो, जहां भय और संदेह का माहौल नहीं हो
गोदरेज ने कहा कि बेरोजगारी 6.1 प्रतिशत के चार दशक के उच्चतम स्तर पर है और इस समस्या का जल्द से जल्द निदान ढूंढा जाना चाहिए. कहा कि बड़े पैमाने पर जल संकट, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग और चिकित्सा सुविधाओं का पंगु होना, देश में स्वास्थ्य देखभाल का खर्च समकालीन उभरते देशों की तुलना में बहुत कम रहना कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिनसे युद्ध स्तर पर निपटा जाना चाहिए.उन्होंने कहा कि कई मुद्दों को बुनियादी स्तर पर सुलझाया जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा किये बिना देश अपनी वास्तविक विकास क्षमता हासिल नहीं कर सकता .
गोदरेज की यह टिप्पणी मुंबई उपनगर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में धर्म अथवा गाय सुरक्षा के नाम पर पीट-पीटकर मार डालने वाली घटनाओं के संदर्भ में देखी जा रही है. मुंबई उपनगरीय इलाके में हाल ही में एक मुस्लिम कैब ड्राइवर पर उसकी आस्था के नाम पर हमला किया गया. गोदरेज ने हालांकि, एक नये भारत के निर्माण की एक नयी दृष्टि की शुरुआत करने के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी. उन्होंने कहा हम एक ऐसे भारत की उम्मीद करते हैं जहां भय और संदेह का माहौल नहीं हो और राजनीतिक नेतृत्व पर जवाबदेह होने का भरोसा कर सकें.




