West Bengal

#Kolkata : सॉल्ट लेक के #CBI दफ्तर में हलचल हुई तेज, एक कम्पनी #CRPF पहुंची

Kolkata:  सारदा चिटफंड घोटाला मामले में साक्ष्यों को मिटाने के आरोपित कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार की गिरफ्तारी को लेकर चल रही अटकलों के बीच सीबीआई दफ्तर में हलचल तेज हो गयी हैं.  रविवार देर रात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक कंपनी सॉल्ट लेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सीबीआई के पूर्वी क्षेत्रीय मुख्यालय में पहुंची. इन कंपनियों की मूवमेंट न केवल मुख्यालय बल्कि सीबीआई टीम के साथ भी होगी. जांच एजेंसी के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की कि राज्य में कार्रवाई के दौरान अगर किसी तरह का पुलिस हस्तक्षेप होता है तो सीआरपीएफ का इस्तेमाल किया जा सकता है.

नहीं मिला राजीव कुमार का लोकेशन

दरअसल राजीव कुमार पिछले तीन दिनों से लापता हैं. उन्होंने सीबीआई को एक ई-मेल जरूर किया है लेकिन उनका लोकेशन अब भी सीबीआई को नहीं मिला है. अपने ई-मेल में कुमार ने इस बात का उल्लेख किया है कि वह एक महीने के लिए छुट्टी पर हैं. लेकिन जांच टीम ने रविवार शाम राज्य सचिवालय में चिट्ठी देकर यह जानना चाहा है कि आखिर उन्हें हर उस मौके पर छुट्टी क्यों दी जाती है जब कोर्ट उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटाता है. कुमार फिलहाल सीआईडी में एडीजी के पद पर तैनात हैं.

सीबीआई पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि उन्हें बचाने के लिए पूरी ममता सरकार कमर कस कर तैयार है और जांच एजेंसी का सहयोग नहीं कर रही है. सूत्रों के मुताबिक सोमवार को दिनभर जांच एजेंसी की ओर से कुमार की तलाश में मैराथन छापेमारी की जाएगी. ऐसे में अगर राज्य पुलिस बाधा बनती है तो सीआरपीएफ टीम का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा सीआरपीएफ की एक टुकड़ी को निजाम पैलेस स्थित सीबीआई के पूर्वी क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक पंकज श्रीवास्तव के घर पर भी तैनात किया जा रहा है.

सीबीआई अधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था

उल्लेखनीय है कि इसी साल तीन फरवरी को जब सीबीआई की टीम ने पार्क स्ट्रीट में राजीव कुमार के घर जाकर उनसे पूछताछ करने की कोशिश की थी तब सीबीआई अधिकारियों को पुलिस ने जबरदस्ती हिरासत में ले लिया था. और पंकज श्रीवास्तव के घर को भी पुलिस टीम ने घेर लिया था. यहां तक कि सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सीबीआई के पूर्वी क्षेत्रीय मुख्यालय को भी पुलिस ने घेरा था. इस बार भी राजीव कुमार की गिरफ्तारी के दौरान इस तरह की कोई स्थिति ना बने, अगर बने तो उससे मुकाबला किया जा सके, इसको ध्यान में रखते हुए सीआरपीएफ की तैनाती हुई है.

राजीव कुमार पर क्या है आरोप

राजीव कुमार पर आरोप है कि 2013 में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी के मुखिया के तौर पर उन्होंने 4000 करोड़ रुपये के सारदा पोंजी घोटाला मामले में जो भी साक्ष्य बरामद किये थे उनको नष्ट कर दिया ताकि चिटफंड में संलिप्त तृणमूल के नेताओं पर आंच ना आये. इसी मामले में सीबीआई की टीम उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है.

राजीव कुमार मामले में दूसरे दिन सचिवालय पहुंची सीबीआई

सारदा मामले में आरोपित कोलकाता पुलिस के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार मामले में सोमवार को भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम राज्य सचिवालय नवान्न जा पहुंची. वहां राज्य के मुख्य सचिव मलय दे और गृह सचिव अलापन बनर्जी के नाम दो चिट्ठी दी गई है. इसमें पूछा गया है कि राजीव कुमार कहां है, उन्हें छुट्टी कैसे मिली और किस कारण उन्हें छुट्टी दी गई है. इसके अलावा हर बार जब भी उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक कोर्ट हटाता है, उसके तुरंत बाद उन्हें राज्य सरकार की ओर से छुट्टी कैसे मिल जाती है. इस बारे में भी चिट्ठी में पूछा गया है. सोमवार दोपहर के समय सॉल्टलेक सीजीओ कंपलेक्स स्थित सीबीआई के पूर्वी क्षेत्रीय मुख्यालय से तीन अधिकारी सचिवालय गए थे जहां यह चिट्ठी दी गयी है.

हालांकि हाईकोर्ट के आर्डर के 72 घंटे बीतने के बाद भी राजीव कुमार कहां है इस बारे में कोई नहीं जानता है. उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने राजीव कुमार की गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटा ली थी और सीबीआई को छूट दी थी कि वह कुमार को गिरफ्तार कर सकती है.

हालांकि उसके बाद वे लापता हो गए हैं. राज्य सीआईडी के एडीजी के पद पर तैनात राजीव ने सीबीआई को एक मेल भेजा है जिसमें बताया है कि एक महीने के लिए छुट्टी पर हैं और इसके पीछे व्यक्तिगत कारण है. वैसे सीबीआई ने उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया और उन्हें हिरासत में लेने की पूरी कोशिश चल रही है. कुमार से पूछताछ करने हेतु दिल्ली से सीबीआई के संयुक्त निदेशक कोलकाता आए हैं लेकिन उनका ना तो मोबाइल चालू है और ना ही उनके लोकेशन के बारे में किसी को जानकारी मिल रही है.

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