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संविदा कर्मियों के समायोजन में नहीं हो रहा नियमों का पालन, हाईकोर्ट का आदेश भी विभाग ने नहीं माना

Ranchi : राज्य सरकार ने साल 2015 में संविदा कर्मियों के नियमितकरण के लिये नियमावली बनायी. इसके बाद भी अलग-अलग विभागों अंर्तगत कार्यरत संविदाकर्मियों का समायोजन नहीं किया गया है. वहीं राज्य सरकार ने नियोजन नियमावली भी बनायी है. लेकिन कुछ विभागों में नियोजन नियमावली की अनदेखी की जा रही है. अलग-अलग जिला प्रशासन की ओर से जल जीवन मिशन के तहत राज्य भर में नियुक्ति हो रही है. इनमें से कुछ जिलों में बहाली पूरी हो चुकी है. जबकि कुछ में बहाली प्रक्रिया जारी है. लेकिन इन बहालियों में केंद्र सरकार और हाईकोर्ट की अवहेलना के साथ ही राज्य सरकार के ही नियमों की अवहेलना हो रही है.

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राज्य सरकार के नियमों की मानें तो, संविदा आधारित बहालियों में राज्य से मैट्रिक, इंटर, स्नातक पास व्यक्तियों को नौकरी मिलें. इसके बाद भी अन्य राज्य के अभ्यर्थी आवेदन भी कर रहे है और सूचीबद्ध भी हो रहे है. इसमें जमशेदपुर और देवघर जैसे जिला शामिल है.

जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की योजना है. केंद्र सरकार की ओर से साल 2020 से ही राज्यों को नयी बहाली नहीं करने का निर्देश दिया. केंद्र सरकार ने स्पष्ट आदेश दिया कि योजना के तहत पूर्व में कार्यरत कर्मियों का ही समायोजन करना है. जानकारी हो कि जल जीवन मिशन स्वच्छ भारत मिशन अभियान का ही दूसरा फेज है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की मानें तो जब तक नये कर्मियों की बहाली नहीं हो जाती है.

तब तक राज्य में पूराने कर्मी कार्यरत रहेंगे. जबकि खूंटी और रामगढ़ में नियुक्ति पूरी हो गयी है. पलामू में दक्षता सूची जारी करने के बाद विज्ञापन रद्द कर दिया गया. अब फिर से विज्ञापन जारी किया गया है. अन्य जिलों में प्रक्रिया जारी है.

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क्या है हाईकोर्ट का आदेश

मामले में केंद्र सरकार के आदेश के बावजूद राज्य में हो रही बहाली को हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी. इस साल अप्रैल में हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने पेयजल विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के लिये नयी बहाली नहीं की जाए. मिशन में पुराने कर्मियों से ही काम लिया जाए. इसके बाद भी विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया जारी रखी.

फिलहाल कई जिलों की याचिकाओं में हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है. मामला 1,118 कर्मियों से जुड़ा है. 31 दिसंबर 2021 को सरकार ने इनके अनुबंध को समाप्त कर दिया.

जानकारी हो कि केंद्र के आदेश के बाद, छत्तीसगढ़ राजस्थान समेत अन्य राज्यों में केंद्र सरकार के इस नियम का पालन किया गया. लेकिन राज्य में नयी बहाली की गयी.

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