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#MNS के महाधिवेशन में पार्टी का नया झंडा लांच किया गया, बाल ठाकरे के हिंदुत्‍व की विरासत हथियाने की कोशिश में राज 

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Mumbai : उद्धव ठाकरे के नेतृत्‍व वाली शिवसेना भाजपा से पुराना रिश्ता तोड़कर कांग्रेस और एनसीपी से गठबंधन कर   महाराष्ट्र में सरकार चला रही है. इस कारण शिवसेना ने हिंदुत्‍व समेत कई मुद्दों को लगभग ठंडे बस्‍ते में डाल दिया है. MNS प्रमुख राज ठाकरे इसका लाभ उठा कर महाराष्‍ट्र की राजनीति में अपनी दखल बढ़ाने की कवायद में जुट गये हैं.

खबर है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS)के पहले महाधिवेशन में आज राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे को सक्रिय राजनीति में उतार दिया गया. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इसकी घोषणा की. इस दौरान मनसे का नया झंडा भी लॉन्च किया गया. इससे पहले राज ठाकरे ने अपने चाचा बाल ठाकरे को याद किया. आज बाल ठाकरे की 94वीं जयंती मनायी जा रही है.

मनसे का महाधिवेशन में मुंबई के गोरेगांव किया जा रहा है. राज ठाकरे कुछ देर बाद सभा को संबोधित करने वाले हैं.  यहां पार्टी कार्यकता  जय भवानी, जय शिवाजी के नारे लगा रहे हैं. कार्यकर्ता भगवा रंग की टोपी पहने हुए हैं.   मनसे के नये झंडे में शिवाजी महाराज के शासनकाल की मुद्रा प्रिंट है. जान लें कि विधानसभा चुनावों में महाराष्ट्र नव निर्माण सेना ने 101 सीट पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सिर्फ एक सीट पर जीत मिली.

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झंडे पर शिवाजी महाराज की मुद्रा भी मौजूद है

जान लें कि महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे अब खुद को शिवसेना के संस्‍थापक बाल ठाकरे की हिंदुत्‍व की विरासत के असली दावेदार के तौर पर पेश कर रहे हैं. यह मंजर MNS की मुंबई के गोरेगांव में हुई मेगारैली में देखने को मिल रहा है. बाल ठाकरे की जयंती पर राज ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने दो बड़े बदलाव किये हैं. अधिवेशन के दौरान अपने पुराने झंडे को बदलकर भगवा झंडा कर दिया है.

इस झंडे में संस्‍कृत में ‘प्रतिपच्चन्द्रलेखेव वर्धिष्णुर्विश्ववन्दिता, शाहसूनो: शिवस्यैषा मुद्रा भद्राय राजते’ श्‍लोक लिखने के साथ ही शिवाजी महाराज की मुद्रा भी मौजूद है. MNS ने अपना नया झंडा उस दिन पेश किया है, जिस दिन शिवसेना बाल ठाकरे की जयंती मना रही है. राज ठाकरे ने मेगा रैली की शुरुआत वीर सावरकर, बीआर आंबेडकर, प्रबोधंकर ठाकरे और छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्‍वीरों पर माला चढ़ाकर की. इस दौरान उन्‍होंने पार्टी का नया झंडा भी पेश किया.

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राज ठाकरे के चाचा बाल ठाकरे शिवसेना के संस्‍थापक हैं

राज ठाकरे के चाचा बाल ठाकरे शिवसेना के संस्‍थापक हैं. राज के चचेरे भाई उद्धव ठाकरे महाराष्‍ट्र की गठबंधन सरकार में मुख्‍यमंत्री हैं. इससे पहले यह भी कहा जा रहा था कि राज अपने बेटे अमित ठाकरे को इस मेगारैली के दौरान सक्रिय राजनीति में उतारने की घोषणा भी कर सकते हैं. वहीं, पूर्व मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज ठाकरे की मुलाकात के बाद यह भी कहा जा रहा है कि महाराष्‍ट्र में भाजपा-मनसे ने हाथ मिला लिया है.

शिवसेना से नाता तोड़ने के बाद राज ठाकरे पहली बार बाल ठाकरे की जयंती पर कार्यक्रम कर रहे हैं. एमएनएस की ओर से महारैली में लगाये गये पोस्टर पूरी तरह से भगवा हैं. पोस्‍टरों पर नारा दिया गया है, महाराष्ट्र धर्म के बारे में सोचो, हिंदू स्वराज्य का निर्धारण करो.

खुद को बाल ठाकरे के उत्‍तराधिकारी मानते हैं राज

महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना के नेताओं का कहना है कि पार्टी का झंडा और नारा बदलने के राज ठाकरे के फैसले से महाराष्ट्र में नयी ऊर्जा आयेगी. महाराष्ट्र की राजनीति में नये मोड़ और विकल्प खुलेंगे. बाल ठाकरे के निधन के बाद राज ठाकरे गणेश उत्सव और दही हांडी जैसे कार्यक्रमों में भी आगे रहे हैं. राज हमेशा से खुद को बाल ठाकरे के उत्तराधिकारी के तौर पर देखते रहे हैं. बाल ठाकरे के व्यक्तित्व, भाषण, विचारों का खुलापन, आक्रामकता जैसी सभी चीजों को राज ठाकरे ने अपनाया. वह बाल ठाकरे की तरह आक्रामकता के साथ नारे लगाते हैं.

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