
- नगर विकास सचिव से आशा लकड़ा ने की मुलाकात
- सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट समेत शहर के अन्य विकास कार्यों के लिए मांगी राशि
Ranchi : रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा ने बुधवार को नगर विकास सचिव विनय कुमार चौबे से मुलाकात की. उनसे मांग की कि नगर विकास विभाग रांची नगर निगम को 175 करोड़ रुपये दे. मेयर ने उन्हें बताया कि ये पैसे वह राजधानी में सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट समेत शहर के अन्य विकास कार्यों पर खर्च करेंगी. उन्होंने सचिव को रांची नगर निगम की आवश्यकताओं से अवगत कराया और जल्द से जल्द फंड आवंटित करने की मांग की.
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सचिव बोले- प्रस्ताव भेजें, राशि आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जायेगी
विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे ने मेयर को बताया कि सड़क और नाली निर्माण के लिए फंड आवंटित करने की प्रक्रिया केंद्रीय स्तर पर चल रही है. फंड आवंटित होते ही निगम को आवश्यकतानुसार फंड उपलब्ध कराया जायेगा. सचिव ने यह भी कहा कि स्ट्रीट लाइट के लिए नागरिक सुविधा मद से फंड आवंटित की जायेगी. इस दौरान विभागीय सचिव ने मेयर से नगर निगम की ओर से भेजे गये प्रस्ताव को दोबारा भेजने को कहा. उन्होंने कहा कि प्रस्ताव मिलते ही राशि आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी की जायेगी.
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हेमंत सरकार पर निगम को काफी कम फंड देने का लगाया आरोप
मेयर ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में रांची नगर निगम को आवश्यकता के अनुरूप काफी कम फंड आवंटित किया गया है. 53 वार्डों के कई इलाकों में स्थानीय लोग सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की मांग कर रहे हैं. जनप्रतिनिधि होने के नाते आम लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति करना उनका और निगम का दायित्व है. मेयर ने कहा कि विभागीय मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री भी राजधानी की सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट के वर्तमान हालात से अच्छी तरह वाकिफ हैं.
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जो विभाग मुख्यमंत्री के जिम्मे हैं, उनके अधिकारियों को लूट की छूट
इस दौरान मेयर ने बरियातू रोड के गढ्ढों की मरम्मत के लिए नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको और बरियातू सड़क के निर्माण के लिए पथ निर्माण विभाग के साथ निकाले टेंडर पर भी नाराजगी जतायी. मेयर ने प्रेस बयान में कहा है कि यह आश्चर्य हो रहा है कि जिन विभागों के मंत्री स्वयं मुख्यमंत्री हैं, वहां विभागीय अधिकारियों को लूट की छूट दे दी गयी है. एक ही सड़क के लिए दो विभाग अलग-अलग टेंडर निकाल रहा है. एक विभाग सड़क पर बने गड्ढों को भरने के लिए लाखों का टेंडर कर रहा है, जबकि दूसरा विभाग करोड़ों का टेंडर निकालकर सड़क निर्माण कराने की तैयारी कर रहा है.
मेयर ने सवाल उठाया कि क्या ऐसा कर अधिकारी विभागीय मंत्री को गुमराह कर टेंडर का खेल खेल रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि वह विभागीय अधिकारियों पर नकेल कसें.
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