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जिस अस्पताल में पति-पत्नी करते थे सफाई, उसके फैसले की ‘कमान’ बेटे के हाथ आयी

  • गर्वनिंग बॉडी के सदस्य के रूप में मीटिंग में शामिल होंगे कांके विधायक समरीलाल
  • बीसवीं सदी के आखिरी तीन दशकों तक समरीलाल के माता-पिता रहे रिम्स के सफाईकर्मी

Kumar Gaurav

Ranchi: यह बात 1970 से 1999 के कालखंड की है. मिश्रीलाल वाल्मीकि और उनकी पत्नी झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स (तब आरएमसीएच) के गलियारों में झाड़ू-पोछा किया करते थे. आज 14 अक्टूबर, 2020 की तारीख है जब इस दंपती का ‘लाल’ इस हॉस्पिटल की व्यवस्था और इसके भविष्य को लेकर लिये जाने वाले अहम फैसलों का भागीदार होगा.

यह कहानी कांके के विधायक समरीलाल और उनके माता-पिता की है. सफाईकर्मी दंपती की संतान होने के बावजूद लंबे संघर्ष की बदौलत समरीलाल विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे. विधायक की हैसियत से वह रिम्स की गवर्निंग बॉडी के पदेन सदस्य हैं. आज होने रिम्स जीबी की बैठक में जो फैसले लिये जायेंगे उसमें उनकी अहम भागीदारी होगी.

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स की बेहतरी और उसके विकास कार्यों को लेकर उसकी गवर्निंग बॉडी (जीबी) की बैठक होनी है. बैठक में अस्पताल के भविष्य की योजनाओं पर निर्णय लिये जायेंगे.

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अस्पताल के कोने-कोने की जानकारी

बकौल समरीलाल, मेरे माता-पिता ने तीन दशकों तक रिम्स में जो सेवा दी, उसी की वजह से मैं इस अस्पताल के कोने-कोने से वाकिफ हूं. यहां की पूरी व्यवस्था और इसका संचालन करने वाले तंत्र के हरेक ‘कल-पुर्जे’ की जानकारी मुझे है. मुझे इस बात का एहसास है कि अस्पताल की बेहतरी के लिए क्या कुछ कदम उठाये जाने चाहिए.

बता दें कि कि इससे पहले भी जब विधानसभा में राज्य के स्वास्थ्य व्यवस्था पर चर्चा हो रही थी तो समरीलाल की बातों में इतनी गहराई थी कि सदन में पिन ड्रॉस साइलेंस छा गया था.

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रिम्स की बेहतरी को लेकर अपने संकल्प को दोहराते हुए समरीलाल कहते हैं, “यहां जो नाक की जगह कान और कान की जगह नाक है (पार्किंग, कैंटीन, वार्ड आदि कुछ भी व्यवस्थित नहीं हैं, उन्हें ठीक करना है) उसे सुधारना है.”

बता दें कि रिम्स की जीबी की बैठक में करीब 37 एजेंडों पर निर्णय होना है.

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इन एजेंडों पर हो सकती है चर्चा

–              विभिन्न विभागों में पदों के सृजन पर फैसला हो सकता है.

–              कई मामलों की घटनोत्तर स्वीकृति पर निर्णय होगा.

–              प्राइवेट प्रैक्टिस वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई पर निर्णय

–              रिम्स के पीएचडी छात्रों की छात्रवृति भुगतान पर निर्णय

–              रिम्स में फार्माकोलॉजी कोर्स शुरू करने पर निर्णय

–              रिम्स के स्थायी डायरेक्टर के अनुमोदन को स्वीकृति पर निर्णय

–              कार्डियक सर्जरी के विभिन्न शल्य कार्यें के लिए सीजीएचएस की दर के तहत रिम्स के दरों का निर्धारण

जीबी की बैठक से पहले ही नाराज हो गये हैं कई सदस्य

बैठक से पहले ही जीबी के कई सदस्य नाराज हो गये हैं. सदस्यों का कहना है कि उनसे बिना पूछे ही एजेंडा तय कर लिया गया है. एजेंडा तय करने से पहले कई पहलुओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए था.

जीबी के एजेंडा तय करने से पहले रिम्स के विभिन्न विभागों के एचओडी से भी उनके संबंधित विभागों में आ रही परेशानियों पर विचार किया जाना चाहिए था. जीबी की बैठक एक साल पहले ही हो जानी चाहिए थी. नयी सरकार बनने के बाद पहली बार रिम्स जीबी की बैठक की जायेगी.

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