
NewDelhi : प्रधानमंत्री मोदी ने आज गुरुवार को नये संसद भवन का शिलान्यास और भूमि पूजन किया. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कार्यक्रम आरंभ हुआ.पूजन के बाद शुभ मुहूर्त में प्रधानमंत्री ने परम्परागत विधि विधान के साथ आधारशिला रखी. कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्री, बड़ी संख्या में सांसद और कई देशों के राजदूत इस ऐतिहासिक अवसर के गवाह बने. कार्यक्रम में टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा भी शामिल थे.
आने वाली पीढ़ियां इसे देखकर गर्व करेंगी
प्रधानमंत्री मोदी ने नये संसद भवन के शिलान्यास को ऐतिहासिक और भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि नया भवन आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का गवाह बनेगा और 21वीं सदी के भारत की आकांक्षाएं पूरी करेगा. नये संसद भवन का भूमि पूजन कर शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि नये संसद भवन का निर्माण समय और जरूरतों के अनुरूप परिवर्तन लाने का प्रयास है और आने वाली पीढ़ियां इसे देखकर गर्व करेंगी कि यह स्वतंत्र भारत में बना है.

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नये संसद भवन की अनुमानित लागत 971 करोड रुपए
खबर है कि चार मंजिला नये संसद भवन की अनुमानित लागत 971 करोड रुपए है. संसद भवन 64500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनेगा.इसका निर्माण कार्य भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ तक पूरा कर लिया जायेगा. प्रत्येक संसद सदस्य को दोबारा निर्मित श्रम शक्ति भवन में कार्यालय के लिए 40 वर्ग मीटर स्थान उपलब्ध कराया जायेगा. जिसका निर्माण 2024 तक पूरा किया जायेगा.
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संसद भवन के निर्माण का प्रस्ताव उपराष्ट्रपति ने रखा था
बता दें कि नये संसद भवन के निर्माण का प्रस्ताव उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने क्रमशः राज्यसभा और लोकसभा में 5 अगस्त 2019 को किया था.
लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि नये संसद भवन का डिजाइन अहमदाबाद के मैसर्स एचसीपी डिजाइन और मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है और इसका निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की ओर से किया जायेगा.
लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था
नया भवन सभी आधुनिक ऑडियो – वीडियो संचार सुविधाओं और डाटा नेटवर्क प्रणालियों से सुसज्जित होगा. लोकसभा सचिवालय के अनुसार नये संसद भवन के लोकसभा कक्ष में 888 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी, जिसमें संयुक्त सत्र के दौरान 1224 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था भी होगी. इसी प्रकार, राज्य सभा कक्ष में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था होगी.




