
Ranchi : जेल से छूटे बाइक चोर को 45 दिनों तक बाद भी जॉब नहीं मिला तो अपने दोस्त के साथ शहर में छिनतई की घटना का अंजाम देने लगा. बरियातू पुलिस ने सोमवार को हिंदपीढ़ी से ऐसे अपराधियों को गिरफ्तार किया है. दोनों के नाम मो. कैफ और मो. सैफ हैं. दोनों हिंदपीढ़ी का ही रहने वाला है.
बताया जाता है कि मो. सैफ सुजाता चौक के समीप एक गैरेज में बाइक मिस्त्री का काम करता है जबकि मो. कैफ बाइक की चोरी करता था. सैफ बाइक के सभी पार्ट्स पल भर में खोल देता था जिसके बाद उसकी बिक्री की जाती थी. मो. कैफ को कुछ माह पहले पुलिस ने सदर अस्पताल में बाइक चोरी करते पकड़ा था जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था. 45 दिन पहले ही वह जेल से छूटा था.
इसे भी पढ़ें : रांची में प्रेम प्रसंग में नाबालिग ने सड़क किनारे जहर खा कर दे दी जान, प्रेमी फरार
जेल से निकलने के बाद वह लगातार जॉब तलाश रहा था. जॉब नहीं मिलने के बाद वह दोस्त सैफ के साथ छिनतई करने लगा. सात नवंबर को उसने खादगढ़ा बस स्टैंड के समीप एक युवक से मोबाइल की छिनतई की थी, 10 नवंबर रिम्स के समीप रेणुका महतो के गले से चेन छिनकर फरार हो गया था. पीड़िता ने बरियातू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इसके बाद पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही थी.पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर हिंदपीढ़ी सेकेंड स्ट्रीट स्थित ज्वेलर्स दुकान संचालक के पास से चेन बरामद की है. चेन बरामद होने के बाद पुलिस ने ज्वेलर्स को भी गिरफ्तार किया है. हालांकि, गिरफ्तार ज्वेलर्स सुनील कुमार ने पुलिस को बताया है कि दोनों अपराधियों से उन्होंन चेन के कागजात की मांग की थी. इसके बाद चेन गिरवी रखकर 10 हजार रुपये लिया था. दोनों ने रुपये की इमरजेंसी जरूरत बताते हुए कुछ देर में कागजात उपलब्ध कराने की बात कही थी.
इसे भी पढ़ें : पूर्वी घाघीडीह की मुखिया ने मुंडा, ग्राम प्रधान व नायके बाबा को किया सम्मानित
जेल से छूटने के बाद कैफ और सैफ ने जब छिनतई का प्लान बनाया तो बाइक की उपलब्धता सबसे बड़ी परेशानी बन रही थी. इसके बाद एक हाई स्पीड बाइक की व्यवस्था की. सैफ बाइक चला रहा था जबकि कैफ पीछे बैठा था. खादगढ़ा से मोबाइल छीना लेकिन भागने में काफी परेशानी हुई. ऐसे में बाइक की सर्विसिंग कराना बहुत जरूरी हो गया था. बताया गया है कि 10 हजार में छह हजार रुपये बाइक की सर्विंसिंग पर खर्च किया था. दोनों ने पुलिस को बताया है कि रोजाना दो छिनतई की योजना थी.




