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नेताओं के लिए विशेष अदालत : सुप्रीम कोर्ट का सरकार को कोष आवंटित करने का निर्देश

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार को केन्द्र को निर्देश दिया कि नेताओं से जुड़े मामलों से निपटने हेतु 12 विशेष अदालतों के गठन के लिए आवंटित 7 . 8 करोड़ रुपये को संबंधित राज्यों में अनुपात के आधार पर बांटा जाए.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिन राज्यों में विशेष अदालतों का गठन किया जाना है उनकी सरकारें अपने उच्च न्यायालयों से सलाह मशविरा करके इन अदालतों को स्थापित करें ताकि इनमें एक मार्च 2018 तक कामकाज शुरू हो. न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने केन्द्र को देश में विधिनिर्माताओं से जुड़े लंबित मामलों का आंकडा एकत्रित करने के लिए दो महीने का समय दिया.

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दोषी नेताओं पर आजीवन पाबंदी से संबंधित मुद्दे पर सात मार्च को सुनवाई

पीठ ने कहा कि दोषी नेताओं पर आजीवन पाबंदी से संबंधित मुख्य मुद्दे पर सात मार्च को सुनवाई होगी. इससे पहले, केन्द्र ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी थी कि ऐसे मामले जिनमें नेता आरोपी हैं, उन पर फैसले के लिए कम से कम 12 विशेष अदालतें गठित की जाएंगी. केन्द्र ने देश में विधिनिर्माताओं के खिलाफ लंबित मामलों का आंकडा एकत्र करने के लिए और समय मांगा था. सुप्रीम कोर्ट ने एक नवंबर को केन्द्र को निर्देश दिया था कि उसे सांसदों और विधायकों से जुड़े 1581 मामलों के संबंध में जानकारी दी जाए. इन मामलों का खुलासा 2014 आम चुनावों के दौरान नेताओं द्वारा सौंपे गये नामांकन में हुआ है.

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जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित करने का किया था अनुरोध

सुप्रीम कोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें जनप्रतिनिधित्व कानून के उन प्रावधानों को अंवैधानिक घोषित करने का अनुरोध किया गया था जो दोषी नेताओं पर जेल की सजा पूरी होने के बाद छह साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाते हैं.

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