नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती के दो महानायकों ओलंपिक के रजत विजेता सुशील कुमार और कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त का सोमवार रात लंदन से स्वदेश लौटने पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत किया गया. महाबली सतपाल के इन दोनों होनहार शिष्यों के साथ उनके छत्रसाल अखाड़े के तीसरे पहलवान अमित कुमार ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान से स्वदेश पहुंचे.
इन पहलवानों के साथ भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह, महासचिव राजसिंह, प्रमुख कोच विनोद कुमार और कोच यशवीर सिंह रात पौने बारह बजे जैसे ही टर्मिनल थ्री से बाहर निकले पूरा आसमान सुशील और योगेश्वर की जय-जयकार से गूंज उठा.
लंदन ओलंपिक में इतिहास रचने वाले सुशील और योगेश्वर के स्वागत के लिए हजारों की संख्या में लोग ढोल नगाड़ों, फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ हवाई अड्डे पर मौजूद थे. भारी संख्या में मीडियाकर्मी सुशील के आगमन को अपने कैमरों में कैद करने के लिए हवाई अड्ड पर उपस्थित थे. चारों तरफ लहरा रहे तिरंगों और जय-जयकार की गूंज के बीच सुशील और योगेश्वर अपने प्रशंसकों के कंधों पर बैठकर जैसे ही हवाई अड्डे से बाहर निकले पूरा माहौल आसमानी शोर से गूंज उठा.
दोनों पहलवानों को फूल-मालाओं से लाद दिया गया और इन दोनों विजेताओं ने हाथ जोड़कर अपने समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया जिसके कुछ देर बाद दोनों अलग-अलग वाहनों पर बैठकर अपने घरों की तरफ निकल पड़े. सुशील की मां कमला देवी, उनके परिवार के सभी सदस्य, सुशील और योगेश्वर के गांवों के लोग, हरियाणा खेल विभाग के प्रतिनिधि, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के कुछ अधिकारी और गुरु हनुमान अखाड़े के संचालक महासिंह राव दोनों चैंपियनों का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे.
गुरु हनुमान अखाड़े के संचालक महासिंह राव, गुरु हनुमान सेवा संस्था के मीडिया प्रभारी नंदकिशोर सोनी, हरियाणा के खेल विभाग में गुडगांव के उपनिदेशक (खेल) एवं पूर्व भारतीय हॉकी कोच एम के कौशिक, छत्रसाल अखाड़े के कोच अनिल मान फूल-मालाओं के साथ सुशील का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे. सुशील के कई प्रशंसक 25 किलो गुलाब की माला लेकर हवाई अड्डे पहुंचे हुए थे. माजरा डबास के विनोद डबास तो लड्डुओं का थाल लेकर सुशील और योगेश्वर को लड्डू खिलाने के लिए बेताब थे.




