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स्वामी चिन्मयानंद यौन उत्पीड़न मामला,  सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी जांच का निर्देश दिया

NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने  यूपी के शाहजहांपुर के एक लॉ कॉलेज की छात्रा के कथित यौन उत्पीड़न मामले में  एसआईटी जांच का  आदेश  प्रदेश सरकार को दिया है, साथ ही  पीड़िता छात्रा को किसी अन्य कॉलेज में शिफ्ट करने को कहा है. जान लें कि इस मामले में भाजपा  नेता और पूर्व मंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर लॉ कॉलेज की छात्रा का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है.  सुप्रीम कोर्ट  इस केस की सुनवाई कर रहा है.

उसने  यूपी  सरकार को निर्देश दिया कि वह आरोपों की जांच कराने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करे.  साथ ही हाई कोर्ट को निर्देश दिये गये हैं कि वह मामले की मॉनिटरिंग के लिए एक बेंच का गठन करे.    सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को कहा है कि वह छात्रा को किसी और कॉलेज में शिफ्ट कर दे. हालांकि  सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि वह इस मामले में कोई राय नहीं दे रहा है.

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 पीड़िता का दावा, उसके पास यौन शोषण के सबूत

लॉ की 23 साल की इस छात्रा ने 24 अगस्त को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने पूर्व केंद्रीय मंत्री  स्वामी चिन्मयानंद  आरोप लगाया था कि उन्हौंने  पीड़‍ता समेत कई लड़कियों का यौन शोषण किया है.  उसने यह भी दावा किया कि उसके पास इसके सबूत हैं.  हालांकि  वीडियो पोस्ट करने के बाद छात्रा गायब हो गयी थी.  शाहजहांपुर पुलिस ने 25 अगस्त को स्वामी चिन्मयानंद  के कानूनी सलाहकार ओम सिंह की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ जबरन वसूली और सूचना तकनीक एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी.

इससे पूर्व शुक्रवार को यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया  कि चिन्मयानंद के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद लापता हुई कानून की छात्रा राजस्थान में मिली है. सुनवाई के दौरान पीड़िता के वकील ने अदालत को बताया कि उसे राजस्थान के दौसा में बरामद किया गया,  इसके बाद महिला वकील ने कोर्ट से गुजारिश की कि उसे पीड़िता से मिलना चाहिए.

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