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सुप्रीम कोर्ट ने जीएसटी ऐक्ट को संवैधानिक करार दिया, केंद्र सरकार को राहत

NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जीएसटी ऐक्ट (वस्तु एवं सेवा कर टैक्स एक्ट), 2017 तथा इसके क्षतिपूर्ति विनियमन, 2017 को संवैधानिक करार दिया है. . इस निर्णय से केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है. इस क्रम में जीएसटी ऐक्ट के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज कर दी गयी. बता दें कि न्यायाधीश एके सीकरी और न्यायाधीश अशोक भूषण की पीठ ने यह फैसला एक कोयला आयात कंपनी की याचिका पर दिया है. कंपनी ने अपनी याचिका में कहा था कि स्वच्छ ऊर्जा के एवज में वसूला गया सेस जीएसटी के तहत वसूले गये राज्यों के टैक्स में समायोजित कर कंपनी को इसका लाभ दिया जाये. कंपनी के अनुसार ऐसा प्रावधान न होने के कारण जीएसटी ऐक्ट और राज्य क्षतिपूर्ति ऐक्ट असंवैधानिक हैं.  लेकिन कंपनी की सभी दलीलें खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि राज्यों की क्षतिपूर्ति के लिए ऐक्ट बनाना संसद की विधायी शक्ति से बाहर नहीं है.

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संविधान के प्रावधान कहते हैं कि संसद राज्यों को राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए कानून बना सकती है

अनुच्छेद 270 संसद को सेस लगाने के लिए कानून बनाने की शक्ति देता है. कहा कि संसद राजस्व के नुकसान पर राज्यों को क्षतिपूर्ति करने के लिए जीएसटी से आये राजस्व में से सेस देने का प्रावधान कर सकती है.  इस क्रम में कोर्ट ने कहा कि संविधान के प्रावधान कहते हैं कि संसद राज्यों को राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए कानून बना सकती है, तो फिर कोर्ट यह नहीं मान सकता कि संसद को राज्यों के लिए कर की क्षतिपूर्ति का कानून बनाने का अधिकार नहीं है.  बता दें कि संसद को वस्तु एवं सेवा कर के लिए कानून बनाने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 246 ए में है. कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं का यह तर्क खारिज कर दिया कि राज्यों के लिए क्षतिपूर्ति कानून बनाना संसद के अधिकार क्षेत्र में नहीं है.

 

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