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#Strike: : बंगाल, महाराष्ट्र, केरल, असम, पंजाब, हरियाणा में  भारत बंद असरदार ,  बैंकिंग सेवाएं ठप, छिटपुट हिंसा,  चक्का जाम

NewDelhi : केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ दस मजदूर संगठनों  की  देशव्यापी हड़ताल का असर देश भर में देखने को मिला है. केंद्रीय यूनियनों में INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF, UTUC समेत अन्य यूनियनें शामिल हैं.  पूर्वोत्तर, ओडिशा, पुडुचेरी, केरल और महाराष्ट्र में बंद की स्थिति है.

वामपंथी दलों और कांग्रेस समर्थकों के प्रदर्शनों के चलते पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में सड़क और रेल यातायात बाधित होने और हिंसा की छिटपुट घटनाएं भी सामने आयी है. खबर है कि उत्तरी 24 परगना के ह्रदयापुर स्टेशन के समीप रेल ट्रैक पर पुलिस ने चार क्रूड बम बरामद किये गये.

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हड़ताल का समर्थन

देशव्यापी हड़ताल में बैंक कर्मचारियों के शामिल होने से बुधवार को बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ा.  हड़ताल की वजह से देश में कई जगहों पर सार्वजनिक बैंकों की शाखाओं में नकदी जमा करने और निकालने समेत अन्य गतिविधियां प्रभावित रहीं.  बैंक कर्मचारियों के सगठनों एआईबीईए, एआईबीओए, बीईएफआई, आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी और बैंक कर्मचारी सेना महासंघ ने हड़ताल का समर्थन किया.

सांकेतिक फोटो

बैंक विलय, निजीकरण,  वेतन  को लेकर सरकार की नीतियों का विरोध 

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने पीटीआई को बताया कि बैंक कर्मचारियों ने 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान का समर्थन किया है.  उन्होंने कहा, हमने बैंक विलय, निजीकरण, शुल्क वृद्धि और वेतन से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों का विरोध किया है. ऑल इंडिया रिजर्व बैंक एंप्लॉयज एसोसिएशन (एआईआरबीईए) और ऑल इंडिया रिजर्व बैंक वर्कर्स फेडरेशन (एआईआरबीडब्ल्यूएफ) और कुछ बीमा यूनियनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है.

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बंद से असम में जनजीवन प्रभावित

केंद्र की जनविरोधी नीतियों’ के खिलाफ ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई हड़ताल के कारण बुधवार को असम में आम जनजीवन प्रभावित रहा और सड़कों से वाहन नदारद रहे तथा दुकानें भी बंद रहीं. दुकानें और बाजार बंद रहे, लेकिन दवा की दुकानें खुली रहीं.  शैक्षणिक संस्थान खासकर स्कूल बंद रहे.  कॉलेजों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में पूर्वनिर्धारित परीक्षाएं सामान्य तरीके से आयोजित हुईं.

  पंजाब-हरियाणा में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित

मजदूर संगठनों की ओर से बुलाई गयी हड़ताल में  पंजाब और हरियाणा में सार्वजनिक बैंकों, परिवहन विभाग, डाक घर और किसानों के कई संगठनों ने हिस्सा लिया.  सरकारी बैंकों के कर्मचारियों के हड़ताल में हिस्सा लेने से पंजाब और हरियाणा में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ा है.  ट्रेड यूनियन कर्मचारियों ने पंजाब में लुधियाना, जालंधर और बठिंडा समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

हड़ताल को लेकर आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) की महासचिव अमरजीत कौर ने बताया कि   राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के सदस्यों के साथ विभिन्न क्षेत्रीय महासंघ भी शामिल हैं.  हड़ताल का असर बैंकिंग सेवाओं पर नजर आया.

रेलवे, रक्षा, कोयला क्षेत्रों में 100 प्रतिशत एफडीआई का विरोध

कौर ने पीटीआई को बताया, हम महंगाई, सार्वजनिक कंपनियों की बिक्री, रेलवे, रक्षा, कोयला समेत अन्य क्षेत्रों में 100 प्रतिशत एफडीआई और 44 श्रम कानूनों को संहिताबद्ध करने (श्रम संहिता) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार की नीतियों के खिलाफ अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली इस हड़ताल में करीब 25 करोड़ लोगों के भाग लेने का अनुमान व्यक्त किया गया है.

6000 रुपये न्यूनतम पेंशन, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थम मूल्य की मांग

कौर ने कहा कि हमारी अन्य मांगों में सभी के लिए 6000 रुपये न्यूनतम पेंशन, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थम मूल्य (एमएसपी) और लोगों को राशन की पर्याप्त आपूर्ति शामिल हैं.अमरजीत कौर ने कहा कि दिल्ली में बारिश आंदोलन पर असर नहीं डाल सकी है.  श्रमिकों ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में जुलूस निकाला.  कर्मचारी आईटीओ पर एकत्र हुए और फिर यहां से जुलूस निकाला.

कौर ने कहा, हमें पूरे देश भर से खबरें मिल रही हैं.  भेल के कर्मचारी हड़ताल पर चले गये हैं। ऑयल यूनियन हड़ताल पर है.   कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भारत बंद का समर्थन करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर सार्वजनिक क्षेत्र की  कंपनियों  (पीएसयू) को कमजोर करने का आरोप लगाया है.

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