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राज्य के शिक्षक विभागीय एप्प में सूचना अपलोड करने में व्यस्त, बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित

Ranchi :  शिक्षा विभाग के नये-नये आदेश से राज्य के शिक्षकों की परेशानी बढ़ती जा रही है. पहले शिक्षक टैब के जरिये विभाग को सारी जानकारी देते थे. लेकिन आचार संहिता लागू होने के बाद शिक्षकों को अपने मोबाइल में एप्प डाउनलोड कर विभाग को सारी जानकारी देनी पड़ रही है.

इन जानकारियों में शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों की उपस्थिति, मिड डे मिल समेत सारी जानकारियां दी जानी है. शिक्षा विभाग के एप्प ई विद्या वाहिनी से शिक्षकों को ये सारी जानकारियां देनी होती हैं. ई विद्या वाहिनी एप्प शिक्षा विभाग की ओर से तैयारी की गयी है.

जब इस बारे में कुछ शिक्षकों से बात की गयी तो जानकारी हुई कि जब से मोबाइल एप्प के जरिये सूचना देने का आदेश शिक्षा विभाग की ओर से दिया गया है. उस वक्त से ही शिक्षकों की समस्या बढ़ गयी है. शिक्षक पढ़ाने का कार्य छोड़कर दिनभर विभागीय एप्प में सूचना अपलोड करने में ही व्यस्त रहते हैं.

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सर्वर रहता है स्लो, आधारभूत सरंचना ही है खराब

शिक्षकों ने बताया कि ई विद्या वाहिनी एप्प स्लो रहता है. व्यक्तिगत मोबाइल में शिक्षक स्कैन कर इस एप्प को शुरू करते हैं. सर्वर स्लो रहने के कारण सूचनाएं दिनभर में भी अपलोड नहीं हो पाती. शिक्षकों का कहना है कि एक दिन विभाग को सूचना नहीं देने पर कार्रवाई की जाती है. ऐसे में  कार्रवाई के जर से शिक्षक पढ़ाई का कार्य छोड़कर सूचना अपलोड करने में लगे रहते हैं.

इस मामले पर कुछ शिक्षकों से बात करने पर उन्होंने बताया कि पहले टैब से भी परेशानी होती थी. लेकिन जब से मोबाइल फोन में सूचना देनी पड़ रही है, परेशानी और बढ़ गयी है. बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से ई विद्या वाहिनी एप्प चलाने के लिए पर्याप्त आधारभूत संरचना नहीं है.

गौरतलब है कि विभाग की ओर से पिछले साल से इस एप्प का इस्तेमाल किया जा रहा है. शिक्षकों का कहना है कि विभाग को इन समस्याओं पर सोचना चाहिए और कोई अन्य विकल्प भी होने चाहिए.

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अधिकांश टैब हो गये हैं खराब

कुछ शिक्षकों से यह भी जानकारी मिली की टैब बांटे जाने के बाद छह महीने बाद ही खराब हो गयी. गौरतलब है कि शिक्षा विभाग की ओर से पिछले साल ही राज्य के शिक्षकों के बीच टैब बांटा गया था. जिसका इस्तेमाल शिक्षक विभाग को उक्त जानकारियां देने के लिए करते थे.

शिक्षकों का कहना है कि टैब में विभाग को अपडेट करने के लिए पूरी व्यवस्था थी. लेकिन नोबाइल में परेशानी बढ़ गयी है. वहीं सुदूर गांवों में नेटवर्क समस्या के कारण तो शिक्षक टैब का इस्तेमाल कर ही नहीं पाते हैं.

शिक्षकों ने बताया विभाग की ओर से जो टैब दिया गया था, उसे खोलते ही सीएम की एक वीडियो दिखाई देती थी. आचार संहिता लागू होने के बाद इसके उपयोग पर रोक लगा दिया गया है.

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