
Ranchi: झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने कोर्ट फीस संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग राज्य सरकार की है. इस विषय को लेकर काउंसिल की हुई बैठक में निर्णय लिया गया. कहा गया कि कोर्ट फीस संशोधन विधेयक को फिर से संशोधित नहीं किया गया तो पूरे राज्य के अधिवक्ता दो जनवरी 2023 से न्यायिक कार्य में शामिल नहीं होंगे. बैठक की जानकारी देते हुए काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्णा ने बताया कि स्टेट बार काउंसिल ने इसके लिए एक कमेटी का बनाई है जो कोर्ट विधेयक को वापस लेने की मांग मुख्यमंत्री और राज्यपाल से करेगा. कोर्ट फी संशोधन विधेयक पर अगर सरकार विचार नहीं करती है तो काउंसिल आंदोलन को बाध्य होगा. इसके तहत 2 जनवरी से राज्य के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से खुद को अलग रखेंगे, यह अनिश्चितकालीन भी हो सकता है.
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उन्होंने कहा कि कोर्ट फीस संशोधन विधेयक को अधिवक्ता नहीं मानते हैं, संशोधन विधायक सिर्फ आईवास है. उन्होंने बताया कि बैठक में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की गई है. उन्होंने बताया कि पूरे राज्य के अधिवक्ताओं का ग्रुप इंश्योरेंस कैसे किया जाए इसके लिए कमेटी बनाई गई है. इसके अलावा बैठक में कहा गया है कि वकीलों में से एपीपी की नियुक्ति हो इस पर भी सरकार विचार करें.




