
Ranchi : जाति प्रमाण पत्र के लिए युवाओं, नागरिकों के सामने लगातार परेशानी सामने आती रही है. झारखंड में रहनेवाले जरूरतमंद लोगों के लिए इस प्रमाण पत्र को हासिल करने में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के गाइडलाइन को फॉलो करना होता है. विभाग के मुताबिक (पत्रांक 14/जा.नि -03-13/2015 का 1754, 25.02.2019) कुछ शर्तें तय की गयी हैं.
इसके मुताबिक यदि कोई एसटी कैटेगरी का है और उसके पूर्वज अगर झारखंड के सीमा क्षेत्र में 10 अगस्त, 1950 से स्थायी रूप से रह रहे हों तो उनके परिजनों के पास इस अवधि से पहले का रेकॉर्ड ऑफ राईट्स या भू-निबंधन कागजात या प्रमाणित मतदाता सूची या सरकारी दस्तावेज होना चाहिए.
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पर इसके अभाव में पीढ़ी दर पीढ़ी निवास करते आ रहे एसटी क्लास के लोगों का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है.
इसके अभाव में कई तरह की सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में भी समस्या आ रही है. पर सरकार ने सदन में स्पष्ट किया है कि बगैर लैंड रिकॉर्ड के भी इसे बनाया जा सकता है.
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स्थानीय जांच के आधार पर संभव
विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने एसटी क्लास के युवाओं को जाति प्रमाण पत्र बनाने में आ रही दिक्कतों पर सदन में सवाल रखा था. इस पर कार्मिक, प्रशासनिक सुधार विभाग ने सहमति जताते हुए बताया है कि लैंड रिकॉर्ड के आधार पर जाति का निर्धारण प्रायः किया जाता है. पर इसके अभाव में भी इसे उपलब्ध कराया जा सकता है.
स्थानीय जांच की प्रक्रिया अपनाकर जाति का निर्धारण करते हुए जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है. जाति प्रमाण पत्र बनवाने में एसटी क्लास के लोगों के लिए कार्मिक की नियमावली में बदलाव की जरूरत नहीं है.
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