
NewDelhi : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट जाने को लेकर कहा कि यह सफर थोड़ा लंबा जरूर हुआ है लेकिन आने वाले कल में सफलता जरूर मिलेगी. सोनिया ने 7 सितंबर को एक बयान में इसरो के वैज्ञानिकों के उल्लेखनीय प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, हम इसरो और इससे जुड़े पुरुषों एवं महिलाओं के ऋणी हैं.
उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने भारत को अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी देशों की कतार में शामिल कर दिया है. सोनिया ने कहा कि इसरो के प्रयास ने आगे की पीढ़ियों को प्रेरित किया है कि वे सितारों तक पहुंचे.
इसरो का इतिहास मिसालों से भरा पड़ा है
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि यह हमारे वैज्ञानिकों की उल्लेखनीय क्षमता, ख्याति और हर भारतीय के दिल में उनके लिए खास जगह होने का प्रमाण है. कहा कि चंद्रयान का सफर थोड़ा लंबा जरूर हुआ है लेकिन इसरो का इतिहास ऐसी मिसालों से भरा पड़ा है कि नाउम्मीदी में उम्मीद पैदा हुई. वे कभी हार नहीं मानते. मुझे कोई संदेह नहीं है कि हम वहां पहुंचेंगे, भले ही आज नहीं पहुंच पाये, लेकिन कल हम जरूर पहुंचेंगे. सोनिया गांधी ने इसरो की पहने की सफलताओं का जिक्र करते हुए कहा कि हर रुकावट भविष्य की सफलता से पहले का एक पड़ाव भर है.
जान लें कि चंद्रयान -2 के लैंडर विक्रम का चांद पर उतरते समय जमीनी स्टेशन से संपर्क उस समय टूट गया, , जब लैंडर चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर था. लैंडर को रात लगभग एक बजकर 38 मिनट पर चांद की सतह पर लाने की प्रक्रिया शुरू की गयी थी, , लेकिन चांद पर नीचे की तरफ आते समय 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर इसका संपर्क टूट गया.
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